दतिया : नगर पालिका दतिया में आयोजित बजट सम्मेलन उस समय विवादों में घिर गया, जब पार्षदों ने विभिन्न समस्याओं को लेकर जोरदार हंगामा किया। बैठक में मुख्य रूप से वार्डों में पेयजल संकट और अधूरे विकास कार्यों को लेकर तीखी बहस देखने को मिली।
इसी दौरान वार्ड क्रमांक 24 के पार्षद ब्रजेश यादव ने अपने क्षेत्र में लंबे समय से पानी की टंकी का निर्माण न होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने बार-बार अपनी बात रखी, लेकिन जब कोई ठोस जवाब नहीं मिला तो उन्होंने विरोध जताते हुए सभा के बीच अपनी शर्ट उतार दी और बनियान में ही अध्यक्ष की आसंदी के सामने जमीन पर बैठ गए। पार्षद का कहना था कि जब तक पानी की समस्या पर गंभीर चर्चा नहीं होगी, वे इसी तरह विरोध करते रहेंगे।
स्थिति बिगड़ती देख नगर पालिका के सीएमओ नागेंद्र सिंह गुर्जर और अन्य अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर पार्षद को समझाने का प्रयास किया। आश्वासन मिलने के बाद मामला शांत हुआ और बैठक आगे बढ़ सकी।
बैठक के दौरान अन्य पार्षदों ने भी पेयजल व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। उनका आरोप था कि अवैध नल कनेक्शन लगातार बढ़ रहे हैं और जल शुद्धिकरण की नियमित जांच नहीं हो रही। इस पर सीएमओ ने जवाब देते हुए बताया कि हाल ही में एक सेवानिवृत्त कर्मचारी को पानी की जांच के लिए नियुक्त किया गया है और परीक्षण किट भी उपलब्ध कराई गई हैं।
हंगामे के बीच परिषद में सफाई व्यवस्था को निजी कंपनी को सौंपने का प्रस्ताव भी रखा गया, जिस पर चर्चा की गई। अंततः सभी मुद्दों पर विचार-विमर्श के बाद बजट को पारित कर दिया गया।
2 अरब से अधिक का बजट पारित : वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नगर पालिका ने 2 अरब 3 करोड़ 55 लाख 95 हजार रुपये की अनुमानित आय और 2 अरब 3 करोड़ 50 लाख 50 हजार रुपये के व्यय का बजट प्रस्तुत किया। इस बजट में मात्र 5 लाख 45 हजार रुपये की बचत दर्शाई गई है, जो कि बेहद सीमित है। आय के प्रमुख स्रोतों में जलकर, संपत्ति कर, किराया, ब्याज और शासकीय अनुदान शामिल हैं।
तीसरी बार में पूरी हुई प्रक्रिया : गौरतलब है कि यह बजट बैठक तीसरी बार आयोजित की गई थी। इससे पहले दो बार विभिन्न कारणों से बैठक स्थगित करनी पड़ी थी। अंततः बुधवार को सभी औपचारिकताएं पूरी करते हुए बजट सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। पार्षदों ने यह भी कहा कि पूरे वर्ष में यह एकमात्र महत्वपूर्ण बैठक रही, जिसमें शहर के विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकी।

