भोपाल | प्रदेश में विकास और जनकल्याण को नई गति देने के लिए सोमवार को हुई मंत्रिपरिषद बैठक में कई बड़े और महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में करीब 19,810 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों का सीधा असर प्रदेश की आधारभूत संरचना, कृषि, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास पर देखने को मिलेगा।
सिंचाई परियोजना से किसानों को बड़ा लाभ : सागर जिले की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 286.26 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना के पूरा होने पर सागर तहसील के 27 गांवों की लगभग 7200 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी, जिससे हजारों किसानों की खेती को मजबूती मिलेगी और उत्पादन में वृद्धि होगी।
सड़कों और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा निवेश : लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत 10,801 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसमें सड़क विकास, बीओटी परियोजनाओं के भुगतान और बाह्य वित्त पोषित परियोजनाओं को शामिल किया गया है। यह निवेश प्रदेश की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को भी गति देगा।
ग्रामीण विकास और पोषण योजनाओं को मजबूती : पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तहत 3,553 करोड़ रुपये से अधिक की राशि विभिन्न योजनाओं के लिए मंजूर की गई है। इसमें मध्याह्न भोजन और पोषण कार्यक्रमों की निरंतरता सुनिश्चित की जाएगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों और महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा।
कृषि यंत्रीकरण से बढ़ेगा उत्पादन, घटेगी लागत : कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन के तहत 2,250 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इससे किसानों को आधुनिक उपकरणों की सुविधा मिलेगी, श्रम पर निर्भरता कम होगी और उत्पादन लागत घटेगी। साथ ही ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम : प्रदेश में नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के लिए 1,674 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसके अलावा भोपाल गैस त्रासदी से प्रभावित लोगों के स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 1,005 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत किया जाएगा।
महिला सशक्तिकरण योजनाओं को भी मिला बल : महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत 240 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’, वन स्टॉप सेंटर और महिला हेल्पलाइन-181 जैसी योजनाओं के लिए स्वीकृत की गई है। साथ ही प्रदेश में 8 नए वन स्टॉप सेंटर खोलने का निर्णय भी लिया गया है।
समग्र विकास की दिशा में बड़ा कदम : मंत्रिपरिषद के ये फैसले यह दर्शाते हैं कि सरकार प्रदेश में समग्र और संतुलित विकास के लिए प्रतिबद्ध है। कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और महिला सशक्तिकरण जैसे सभी प्रमुख क्षेत्रों में किए गए ये निवेश आने वाले समय में प्रदेश की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को और मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

