नई दिल्ली | देश में नवाचार और उद्यमिता को नई रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने ₹10,000 करोड़ की राशि के साथ स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 की अधिसूचना जारी कर दी है। इस पहल का उद्देश्य स्टार्टअप्स के लिए पूंजी जुटाने की प्रक्रिया को मजबूत करना और उन्हें शुरुआती से लेकर विकास के हर चरण में वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराना है।
पहले चरण की सफलता के बाद नया विस्तार : यह नई योजना, 2016 में शुरू हुए स्टार्टअप इंडिया अभियान के तहत बनाए गए पहले फंड (एफओएफ 1.0) की सफलता को आगे बढ़ाने का प्रयास है। पहले चरण ने देश में स्टार्टअप्स के लिए घरेलू निवेश को बढ़ावा दिया था, वहीं अब एफओएफ 2.0 के जरिए सरकार इस इकोसिस्टम को और व्यापक और सशक्त बनाने की दिशा में काम कर रही है।
डीप टेक और मैन्युफैक्चरिंग स्टार्टअप्स पर खास फोकस : नई योजना के तहत निवेश का फोकस उन क्षेत्रों पर रहेगा जो भविष्य की अर्थव्यवस्था को दिशा देते हैं। इसमें डीप टेक, इनोवेशन-आधारित मैन्युफैक्चरिंग, और शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स शामिल हैं। इसके अलावा, छोटे वैकल्पिक निवेश कोष (AIFs) के माध्यम से भी उभरते स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता दी जाएगी, जिससे नए आइडियाज को जमीन पर उतरने में मदद मिलेगी।
संगठित और पारदर्शी निवेश प्रक्रिया : इस योजना के तहत निवेश के लिए एक संरचित और पारदर्शी चयन प्रक्रिया अपनाई जाएगी। अनुभवी विशेषज्ञों की समिति (VCIC) द्वारा फंड्स का चयन किया जाएगा, जबकि निगरानी के लिए एक उच्च स्तरीय समिति भी गठित की जाएगी। इससे निवेश की गुणवत्ता और प्रभाव दोनों सुनिश्चित होंगे।
SIDBI निभाएगा अहम भूमिका : इस योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक को सौंपी गई है, जो स्टार्टअप्स तक फंड पहुंचाने में प्रमुख भूमिका निभाएगा। साथ ही, अन्य घरेलू एजेंसियों को भी इस प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।
रोजगार, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को मिलेगा बल : विशेषज्ञों का मानना है कि यह फंड न केवल स्टार्टअप्स को पूंजी उपलब्ध कराएगा, बल्कि रोजगार सृजन, तकनीकी विकास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को भी मजबूती देगा। यह पहल भारत को एक मजबूत नवाचार केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
विकसित भारत 2047 की दिशा में मजबूत कदम : सरकार की यह योजना “विकसित भारत @ 2047” के विजन को साकार करने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगी। इससे देश के युवा उद्यमियों को नए अवसर मिलेंगे और भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम वैश्विक स्तर पर और अधिक सशक्त बनकर उभरेगा।

