नई दिल्ली/राजस्थान : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 21 अप्रैल 2026 को राजस्थान दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे बालोतरा के पचपदरा में देश के पहले ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल परिसर को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री जनसभा को भी संबोधित करेंगे।
79 हजार करोड़ से अधिक की ऐतिहासिक परियोजना : यह महत्वाकांक्षी परियोजना Hindustan Petroleum Corporation Limited (एचपीसीएल) और राजस्थान सरकार के संयुक्त प्रयास से विकसित की गई है। लगभग 79,450 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से तैयार इस रिफाइनरी की क्षमता 9 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MMTPA) है, जो इसे देश की प्रमुख ऊर्जा परियोजनाओं में शामिल करती है।
आधुनिक तकनीक से लैस होगा परिसर : अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त इस रिफाइनरी परिसर में कच्चे तेल के शोधन के साथ-साथ पेट्रोकेमिकल उत्पादों का निर्माण भी किया जाएगा। इसकी पेट्रोकेमिकल उत्पादन क्षमता करीब 2.4 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष है। उच्च तकनीकी मानकों पर आधारित यह परियोजना वैश्विक स्तर की दक्षता और स्थिरता को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।
ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मिलेगा बल : यह रिफाइनरी देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी। इससे न केवल कच्चे तेल के बेहतर उपयोग की क्षमता बढ़ेगी, बल्कि देश में पेट्रोकेमिकल उत्पादों की उपलब्धता भी सुदृढ़ होगी।
रोजगार और उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा : इस परियोजना से क्षेत्र में बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। साथ ही, इसके आसपास पेट्रोकेमिकल और प्लास्टिक उद्योगों के विकास को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।
यह परियोजना राजस्थान ही नहीं, बल्कि पूरे देश के औद्योगिक और ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती है।

