भोपाल : मध्यप्रदेश में एलपीजी की कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने जानकारी दी कि अब तक प्रदेशभर में 2938 स्थानों पर जांच अभियान चलाया जा चुका है, जिसमें 4547 गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं। साथ ही 12 मामलों में एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई भी की गई है।
मंत्री ने बताया कि पेट्रोल पंपों की भी निगरानी बढ़ाई गई है। प्रदेश के 765 रिटेल आउटलेट्स का निरीक्षण किया गया, जिनमें 2 मामलों में अनियमितता मिलने पर एफआईआर दर्ज की गई। सभी जिला आपूर्ति अधिकारियों और ऑयल कंपनियों को नियमित जांच के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है। एलपीजी, पेट्रोल, डीजल, पीएनजी और सीएनजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और सप्लाई सामान्य रूप से जारी है। रिफाइनरियां भी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं, जिससे आपूर्ति बाधित नहीं हो रही।
पीएनजी को बढ़ावा, उपभोक्ताओं से अपील : मंत्री ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि जहां पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की सुविधा उपलब्ध है, वहां गैस कनेक्शन अवश्य लें। इससे सिलेंडर पर निर्भरता कम होगी और गैस की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित होगी। उन्होंने यह भी कहा कि पीएनजी पूरी तरह सुरक्षित है और इसके प्रति किसी तरह का भ्रम नहीं रखना चाहिए।
वैकल्पिक ऊर्जा पर भी जोर : सरकार ने वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं। इंडक्शन, सोलर कुकर, बायोगैस और गोबर से बने उत्पादों के इस्तेमाल को प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही राज्य में रजिस्टर्ड 44 कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) परियोजनाओं को जल्द शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
घरेलू और व्यावसायिक गैस आपूर्ति सामान्य : प्रदेश के बॉटलिंग प्लांटों में घरेलू और कॉमर्शियल गैस का पर्याप्त भंडारण है। उपभोक्ताओं को बुकिंग के अनुसार समय पर सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वहीं व्यावसायिक उपभोक्ताओं को भी निर्धारित प्राथमिकता के आधार पर नियमित आपूर्ति की जा रही है।
सरकार द्वारा लगातार निगरानी और सख्त कार्रवाई के चलते यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो और गैस वितरण व्यवस्था पारदर्शी व सुचारु बनी रहे।

