नई दिल्ली/वाराणसी : प्रधानमंत्री Narendra Modi 28 और 29 अप्रैल को उत्तर प्रदेश के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे वाराणसी में आयोजित महिला सम्मेलन में शामिल होंगे और करीब ₹6,350 करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास करेंगे। ये परियोजनाएं रेल, सड़क, जल, स्वास्थ्य, पर्यटन और शहरी विकास जैसे कई अहम क्षेत्रों से जुड़ी हैं, जिनका सीधा लाभ प्रदेश की जनता को मिलेगा।
वाराणसी में परियोजनाओं की सौगात : दौरे के पहले दिन प्रधानमंत्री Varanasi में महिला सम्मेलन को संबोधित करेंगे और 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की कई परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। साथ ही 5,000 करोड़ रुपये से अधिक की नई परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे। इनमें सड़क चौड़ीकरण, रेलवे ओवरब्रिज, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, पेयजल योजनाएं, अस्पताल निर्माण और घाटों के विकास जैसे कार्य शामिल हैं।
दो नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी : प्रधानमंत्री इस मौके पर दो नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को भी रवाना करेंगे:
● बनारस – पुणे (हडपसर)
● अयोध्या – मुंबई (लोकमान्य तिलक टर्मिनस)
इन ट्रेनों के शुरू होने से उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच यात्रा और कनेक्टिविटी और बेहतर होगी।
हरदोई में गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन : दौरे के दूसरे दिन प्रधानमंत्री Hardoi में 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। करीब ₹36,230 करोड़ की लागत से बना यह एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक फैला है और राज्य के 12 जिलों को जोड़ेगा।
यात्रा समय में बड़ी कमी : इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से मेरठ से प्रयागराज की यात्रा का समय 10-12 घंटे से घटकर करीब 6 घंटे रह जाएगा, जिससे आवागमन तेज और आसान होगा।
आपातकालीन एयरस्ट्रिप इसकी खासियत : परियोजना की एक बड़ी विशेषता शाहजहांपुर में बनी 3.5 किमी लंबी आपातकालीन लैंडिंग स्ट्रिप है, जिसका उपयोग जरूरत पड़ने पर वायुसेना के विमान भी कर सकेंगे।
आर्थिक विकास को मिलेगा बढ़ावा : गंगा एक्सप्रेसवे को एक बड़े आर्थिक कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे:
● लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी
● उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा
● किसानों को बेहतर बाजार मिलेंगे
● रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे
समग्र विकास की दिशा में बड़ा कदम : प्रधानमंत्री का यह दौरा उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ-साथ आर्थिक विकास, रोजगार और पर्यटन को नई गति देने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

