नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में जारी तनावपूर्ण हालात के बीच भारत सरकार पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। इसी क्रम में राष्ट्रीय मीडिया केंद्र, नई दिल्ली में एक उच्चस्तरीय अंतर-मंत्रालयी बैठक आयोजित की गई, जिसमें पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय तथा विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थिति की समीक्षा करते हुए अहम जानकारियां साझा कीं।
ईंधन आपूर्ति पूरी तरह नियंत्रण में
सरकार ने स्पष्ट किया है कि देशभर में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है। सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और कीमतों में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है।
28 अप्रैल को 50.8 लाख से अधिक घरेलू एलपीजी सिलेंडर वितरित किए गए
5 किलो वाले 73,000 से ज्यादा छोटे सिलेंडर भी सप्लाई किए गए
ऑटो एलपीजी की बिक्री में लगभग 100% तक वृद्धि दर्ज
सरकार ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों से बचें और घबराकर ईंधन की अतिरिक्त खरीदारी न करें।
आपूर्ति बनाए रखने के लिए सख्त कदम : सरकार ने ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं:
रिफाइनरियों का उत्पादन बढ़ाया गया
घरेलू उपयोग के लिए एलपीजी को प्राथमिकता
अस्पताल, शिक्षा संस्थान और आवश्यक उद्योगों को वरीयता
राज्यों को जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के निर्देश
देशभर में प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा कार्रवाई भी तेज की गई है—2200 से अधिक छापे मारकर कई अनियमितताओं पर रोक लगाई गई।

