नई दिल्ली : देश के पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव और उपचुनाव के दौरान निर्वाचन आयोग ने आदर्श आचार संहिता के पालन को लेकर सख्त निगरानी रखी। इसी कार्रवाई के तहत चुनावी प्रक्रिया के दौरान 1,400 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी, शराब, मादक पदार्थ और अन्य सामग्री जब्त की गई।
निर्वाचन आयोग के अनुसार असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में चुनाव के दौरान विशेष अभियान चलाया गया। इसके लिए फ्लाइंग स्क्वॉड टीमों, स्थैतिक निगरानी टीमों और व्यय पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई थी, ताकि चुनाव को निष्पक्ष, हिंसा मुक्त और प्रलोभन मुक्त बनाया जा सके।
आयोग ने बताया कि चुनावी राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों और प्रवर्तन एजेंसियों के साथ लगातार समीक्षा बैठकें आयोजित की गईं। वहीं ‘इलेक्शन सीजर मैनेजमेंट सिस्टम’ (ESMS) के जरिए विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित कर कार्रवाई को तेज किया गया।
आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा जब्ती तमिलनाडु में दर्ज की गई, जहां करीब 662 करोड़ रुपये की सामग्री पकड़ी गई। इसके बाद पश्चिम बंगाल में 573 करोड़ रुपये से अधिक की जब्ती हुई। असम, केरल और पुडुचेरी में भी नकदी, शराब और नशीले पदार्थों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की गई।
चुनाव आयोग के अनुसार वर्ष 2021 के विधानसभा चुनावों की तुलना में इस बार जब्ती के मामलों में करीब 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में सबसे अधिक वृद्धि देखने को मिली।
आयोग का कहना है कि चुनाव के दौरान मतदाताओं को प्रभावित करने के प्रयासों पर कड़ी नजर रखी गई और अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया गया, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनी रहे।

