पटना : बिहार में लीची की फसल पर बढ़ते संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने किसानों की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करते हुए विशेषज्ञों की एक विशेष टास्क फोर्स गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह टीम लीची स्टिंग बग से हो रहे नुकसान का अध्ययन कर किसानों को राहत देने के उपाय सुझाएगी।
जानकारी के अनुसार, हाल ही में आयोजित कृषक संवाद कार्यक्रम के दौरान किसानों ने लीची की फसल को कीटों से हो रहे भारी नुकसान का मुद्दा उठाया था। किसानों की समस्या सुनने के बाद केंद्रीय मंत्री ने तत्काल अधिकारियों और वैज्ञानिकों को स्थिति का आकलन करने के निर्देश दिए।
गठित विशेषज्ञ टीम बिहार के प्रभावित लीची उत्पादक जिलों का दौरा करेगी और फसल को हुए नुकसान का वैज्ञानिक विश्लेषण करेगी। इसके साथ ही टीम किसानों के लिए तात्कालिक राहत उपायों के अलावा दीर्घकालिक समाधान भी सुझाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचा जा सके।
टास्क फोर्स में कई प्रमुख कृषि एवं बागवानी संस्थानों के वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। इसमें राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र, कृषि विश्वविद्यालयों और कृषि विभाग के अधिकारियों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है।
सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि विशेषज्ञ टीम एक सप्ताह के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी। इसके आधार पर किसानों को राहत पहुंचाने और फसल बचाने के लिए आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
कृषि क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते उठाया गया यह कदम बिहार के लीची किसानों के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है, क्योंकि राज्य देश के प्रमुख लीची उत्पादक क्षेत्रों में शामिल है।

