भोपाल : Mohan Yadav ने समाज के संपन्न वर्ग से सामूहिक विवाह सम्मेलनों को बढ़ावा देने की अपील करते हुए कहा कि विवाह जैसे पवित्र संस्कार में सादगी अपनाना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह सम्मेलन समाज को दिखावे और अनावश्यक खर्च से दूर रहने का संदेश देते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शादी में होने वाले फिजूल खर्च को कम कर परिवारों को बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए। उनके अनुसार हर माता-पिता का दायित्व है कि वे अपनी बेटियों को बेहतर शिक्षा और आत्मनिर्भर जीवन के लिए मजबूत आधार दें।
“सामूहिक विवाह से गरीब परिवारों को मिल रही राहत” : सीहोर जिले के Ashta में आयोजित 200 बेटियों के सामूहिक विवाह सम्मेलन को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सामूहिक विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है। इससे अब गरीब परिवारों को विवाह के लिए कर्ज लेने की जरूरत कम पड़ रही है।
उन्होंने बताया कि दिसंबर 2023 से अप्रैल 2026 तक मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के तहत 1 लाख 70 हजार से अधिक बेटियों का विवाह कराया जा चुका है। इस दौरान सरकार द्वारा करीब 1000 करोड़ रुपये की सहायता भी प्रदान की गई।
“सादगी को समाज में बनाना होगा नई पहचान” : मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज और सरकार मिलकर ही सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। सामूहिक विवाह जैसे आयोजन सामाजिक समरसता और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि समाज के प्रभावशाली और समृद्ध लोगों को आगे आकर ऐसे आयोजनों में भाग लेना चाहिए, ताकि सादगी को नई सामाजिक पहचान मिल सके। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में नवविवाहित जोड़े और उनके परिजन मौजूद रहे।

