₹1,535 करोड़ की रेल परियोजनाओं की सौगात : तेलंगाना में मजबूत होगा रेल नेटवर्क, यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री Narendra Modi 10 मई को तेलंगाना को बड़ी रेल अवसंरचना परियोजनाओं की सौगात देने जा रहे हैं। लगभग ₹1,535 करोड़ की लागत से तैयार इन परियोजनाओं का उद्देश्य रेल संपर्क को मजबूत करना, ट्रेनों की आवाजाही को तेज बनाना और यात्रियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना है।

काज़ीपेट-विजयवाड़ा कॉरिडोर पर बढ़ेगी रेल क्षमता : इन परियोजनाओं के तहत काज़ीपेट-विजयवाड़ा रेल कॉरिडोर पर 118 किलोमीटर लंबी मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना विकसित की गई है। इसमें वारंगल-काज़ीपेट, नेकोंडा-महबूबाबाद और एर्रुपालेम-डोर्नकल जंक्शन जैसे महत्वपूर्ण रेल खंड शामिल हैं।

इससे ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुचारू होगी, देरी कम होगी और यात्री एवं मालगाड़ियों का संचालन तेज़ी से हो सकेगा। साथ ही व्यस्त रेल मार्गों पर भीड़भाड़ कम होने की उम्मीद है।

काज़ीपेट रेल बाईपास से जंक्शन पर कम होगी भीड़ : प्रधानमंत्री 21 किलोमीटर लंबे काज़ीपेट रेल अंडर रेल बाईपास को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह परियोजना क्षेत्र के सबसे व्यस्त रेल जंक्शनों में से एक काज़ीपेट जंक्शन पर दबाव कम करने में अहम भूमिका निभाएगी।

इस बाईपास के जरिए हैदराबाद, बल्हारशाह और विजयवाड़ा की ओर ट्रेनों की एक साथ आवाजाही संभव हो सकेगी। इससे ट्रेनों का प्रतीक्षा समय घटेगा और परिचालन अधिक व्यवस्थित होगा।

उद्योग, व्यापार और किसानों को मिलेगा लाभ : नई रेल परियोजनाओं से तेलंगाना के हनुमकोंडा, वारंगल, महबूबाबाद और खम्मम जिलों को विशेष फायदा मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा कोयला, सीमेंट, उर्वरक, कृषि उपज और औद्योगिक सामानों के परिवहन में भी तेजी आएगी।

विशेषज्ञों के अनुसार बेहतर रेल नेटवर्क से स्थानीय उद्योगों, व्यापारियों और किसानों को लॉजिस्टिक्स लागत में राहत मिलेगी तथा क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।

यात्रियों को मिलेगा तेज़ और सुरक्षित सफर : रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से लंबी दूरी की ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार होगा और दिल्ली-चेन्नई जैसे महत्वपूर्ण रेल मार्गों पर सफर पहले से अधिक तेज़ और सुविधाजनक बन सकेगा।

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