भोपाल। मध्यप्रदेश में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है। सुरक्षित मातृत्व, नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल और समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा संचालित “सुमन हेल्प डेस्क” व्यवस्था अब महिलाओं और उनके परिवारों के लिए भरोसेमंद सहायता प्रणाली बन चुकी है।
प्रदेश में शुरू की गई यह पहल अब तकनीक आधारित निगरानी, त्वरित शिकायत निवारण और 24×7 स्वास्थ्य सहायता के जरिए सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा रही है। राज्य सरकार का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं तक समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है।
57 संस्थाओं से शुरू हुई व्यवस्था अब पूरे प्रदेश में सक्रिय : प्रारंभ में 57 स्वास्थ्य संस्थानों से शुरू हुई SUMAN हेल्प डेस्क व्यवस्था अब प्रदेश के 55 जिला चिकित्सालयों, 10 शासकीय मेडिकल कॉलेजों और AIIMS Bhopal तक विस्तार पा चुकी है।
हर जिले में स्थापित हेल्प डेस्क पर टेली-कॉलर और सुपरवाइजर की टीम तैनात की गई है, जो गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित कर रही है। स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की देरी होने पर संबंधित एएनएम, सीएचओ और अन्य मैदानी अमले से समन्वय कर तत्काल कार्रवाई की जाती है।
अब सभी 66 जिला हेल्प डेस्क रहेंगी 24 घंटे संचालित : राज्य स्तर पर इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) पहले से ही 24 घंटे सक्रिय था, लेकिन अब मई 2026 से प्रदेश की सभी 66 जिला स्तरीय SUMAN हेल्प डेस्क को भी 24×7 संचालित किया जा रहा है।
सरकार का मानना है कि इससे गर्भवती महिलाओं और नवजातों को किसी भी समय स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी और आपात स्थितियों में त्वरित मदद मिल पाएगी।
हाई-टेक निगरानी से सेवाओं की लगातार मॉनिटरिंग : SUMAN हेल्प डेस्क को राज्य स्तरीय ICCC से जोड़ा गया है, जहां से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी, रिपोर्टिंग और समन्वय किया जा रहा है। यह तकनीक आधारित व्यवस्था स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक जवाबदेह और प्रभावी बनाने में मदद कर रही है।
104 टोल फ्री नंबर से मिल रहा स्वास्थ्य परामर्श : प्रदेश में 104 टोल फ्री सेवा के माध्यम से गर्भवती महिलाओं और उनके परिवारों को स्वास्थ्य संबंधी परामर्श, योजनाओं की जानकारी और शिकायत निवारण सुविधा दी जा रही है।
इसके तहत हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की निगरानी, जरूरी जांच, सोनोग्राफी, आयरन और कैल्शियम सप्लीमेंट, सुरक्षित प्रसव और नवजात शिशु देखभाल से जुड़ी जानकारी नियमित रूप से साझा की जा रही है।
राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया मध्यप्रदेश मॉडल : मध्यप्रदेश के SUMAN ICCC और जिला हेल्प डेस्क मॉडल को भारत सरकार द्वारा आयोजित 10वें राष्ट्रीय सम्मेलन में नवाचार और सर्वोत्तम कार्य-पद्धति के रूप में सराहा गया है।
सरकार का कहना है कि इस पहल के माध्यम से लाखों गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है, जिससे सुरक्षित प्रसव और मातृ-शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लगातार बढ़ रही है।

