जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की जरूरत : केंद्रीय मंत्री गडकरी, नागपुर में होंगे ‘जल-संवाद’ सम्मेलन, आमिर खान और नाना पाटेकर भी होंगे शामिल

नागपुर। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari ने जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की अपील करते हुए कहा कि विदर्भ को किसान आत्महत्या के कलंक से मुक्त कराने और गांवों में जल समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।

वे पूर्ति सिंचन समृद्धि कल्याणकारी संस्था के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान विधायक चरणसिंह ठाकुर और उमेश यावलकर भी मौजूद रहे।

17 और 18 मई को होंगे राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन : जल संरक्षण के क्षेत्र में पिछले 25 वर्षों से कार्य कर रही संस्था द्वारा नागपुर में दो दिवसीय “जल-संवाद 2026” और “जलक्रांति सम्मेलन” का आयोजन किया जा रहा है।

17 मई को सिविल लाइन्स स्थित डॉ. वसंतराव देशपांडे सभागार में “जल संरक्षण और किसान आत्महत्या मुक्त विदर्भ” विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी करेंगे।

सम्मेलन में देशभर के जल विशेषज्ञ, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियां शामिल होकर जल संकट, सिंचाई और किसानों की आर्थिक स्थिरता जैसे विषयों पर चर्चा करेंगी।

“देश में पानी की कमी नहीं, प्रबंधन की जरूरत” : गडकरी ने कहा कि देश में जल संसाधनों की कमी नहीं है, बल्कि उनके उचित प्रबंधन और योजनाबद्ध उपयोग की आवश्यकता है। उन्होंने जैविक खेती, ड्रिप सिंचाई और कृषि में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग को जल संरक्षण के लिए प्रभावी बताया।

उन्होंने बताया कि अकोला, वाशिम और बुलढाणा जिलों में फार्म तालाबों से निकाली गई मिट्टी का उपयोग राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण में किया गया, जिससे भूजल स्तर में सुधार देखने को मिला है।

‘तमस्वदा मॉडल’ बना आकर्षण का केंद्र : पूर्ति सिंचन समृद्धि कल्याणकारी संस्था द्वारा विकसित “तमस्वदा मॉडल” को देशभर में सराहना मिल रही है। संस्था पिछले ढाई दशकों से जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रही है।

18 मई को रेशिमबाग स्थित कविवर्य सूर्यभट सभागार में आयोजित “जलक्रांति सम्मेलन” में संस्था की 25 वर्षों की यात्रा और सफल परियोजनाओं की समीक्षा की जाएगी।

आमिर खान और नाना पाटेकर भी होंगे शामिल : सम्मेलन में Aamir Khan, Nana Patekar और मकरंद अनासपुरे विशेष रूप से शामिल होंगे। इसके अलावा महाराष्ट्र सरकार के मंत्री, कृषि विशेषज्ञ, विश्वविद्यालयों के कुलपति और जल संरक्षण से जुड़े कई विशेषज्ञ भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।

आयोजकों के अनुसार सम्मेलन में बड़ी संख्या में किसान, ग्राम सरपंच और सामाजिक संगठन भाग लेंगे। कार्यक्रम के दौरान जल संरक्षण और जल सुरक्षा से जुड़ी कई पुस्तकों का विमोचन भी किया जाएगा।

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