भोपाल | मध्यप्रदेश में अपराध नियंत्रण और आमजन के बीच सुरक्षा का भरोसा मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा प्रदेशव्यापी विशेष कॉम्बिंग गश्त अभियान चलाया गया। देर रात शुरू होकर सुबह तक चले इस अभियान में हजारों पुलिस अधिकारी और कर्मचारी विभिन्न जिलों में सक्रिय रहे। कार्रवाई के दौरान फरार वारंटियों, निगरानी बदमाशों, हिस्ट्रीशीटरों और अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए।
जानकारी के अनुसार, इस विशेष अभियान में 2500 से अधिक पुलिसकर्मियों ने भाग लिया और राज्यभर में 2100 से ज्यादा वारंटियों की गिरफ्तारी या वारंट तामील किए गए। साथ ही अवैध शराब, मादक पदार्थ, जुआ-सट्टा, हथियारों की तस्करी और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर भी कार्रवाई की गई।
कई जिलों में बड़ी कार्रवाई : अभियान के दौरान अलग-अलग जिलों में उल्लेखनीय
कार्रवाई देखने को मिली—
- ग्वालियर में बड़ी संख्या में फरार वारंटियों को पकड़ने के साथ कई संदिग्धों की जांच की गई।
- जबलपुर में पुलिस ने लंबित वारंटों के निष्पादन पर विशेष फोकस किया।
- टीकमगढ़ में दो दिवसीय मेगा अभियान के तहत सैकड़ों वारंट तामील किए गए और वाहन जांच अभियान भी चलाया गया।
- मुरैना में वारंटियों की गिरफ्तारी के साथ अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई हुई।
- विदिशा में सैकड़ों स्थानों पर दबिश देकर अपराधियों की तलाश की गई।
- उज्जैन में गंभीर मामलों में फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए विशेष दबिश दी गई।
- मंदसौर में नशीले पदार्थों और अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई के साथ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत भी चालान काटे गए।
- खंडवा, सिवनी, खरगोन और शाजापुर समेत कई जिलों में वारंटियों और निगरानी बदमाशों पर कार्रवाई हुई।
अपराधियों में कानून का डर बढ़ाने की कोशिश : पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस प्रकार के अभियान से फरार आरोपियों की गिरफ्तारी तेज होगी और अपराधियों के बीच कानून का भय पैदा होगा। साथ ही आम नागरिकों में सुरक्षा और विश्वास का माहौल मजबूत करने में मदद मिलेगी।
प्रदेशभर में लगातार चल रहे ऐसे विशेष अभियान इस बात का संकेत हैं कि पुलिस अब अपराध नियंत्रण के लिए केवल शिकायत आधारित कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि सक्रिय निगरानी और पूर्व कार्रवाई पर भी जोर दिया जा रहा है।

