अशोकनगर | पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए नाबालिग आदिवासी बालिका के कथित अपहरण मामले का कुछ ही घंटों में खुलासा कर दिया। पुलिस ने बालिका को सुरक्षित बरामद करते हुए महिला समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में जांच के दौरान सामने आए तथ्यों ने सभी को चौंका दिया, क्योंकि आरोप है कि पीड़िता की सगी बुआ भी इस पूरी साजिश में शामिल थी।
जानकारी के अनुसार, 17 वर्षीय बालिका 23 मई की सुबह घर से बाहर गई थी, इसी दौरान कुछ लोग उसे जबरन वाहन में बैठाकर ले गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने विशेष टीमें गठित कर तलाश अभियान शुरू किया। तकनीकी इनपुट, स्थानीय सूचना तंत्र और कई इलाकों में सघन जांच के बाद संदिग्धों की गतिविधियां दूसरे जिले की ओर मिलने पर पुलिस ने पीछा तेज किया।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने महिला आरोपी सहित कई लोगों को हिरासत में लिया। पूछताछ के आधार पर आगे की तलाश में एक अन्य आरोपी को भी पकड़ा गया और नाबालिग बालिका को सुरक्षित मुक्त कराया गया।
प्रारंभिक जांच में यह दावा किया गया कि बालिका को लेकर पैसों के लेन-देन की साजिश रची गई थी। पुलिस के अनुसार, पीड़िता की रिश्तेदार महिला पर भी मामले में भूमिका होने का संदेह सामने आया है, जिसके आधार पर उसे आरोपी बनाया गया है। हालांकि पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच अभी जारी है।
बालिका को सुरक्षा और आवश्यक सहायता के लिए संरक्षण केंद्र में रखा गया है। वहीं पुलिस ने घटना में इस्तेमाल वाहन को भी जब्त कर लिया है।

