भोपाल | प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत मध्यप्रदेश के मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्र में हजारों उपभोक्ता सौर ऊर्जा अपनाकर लाभ उठा रहे हैं। योजना के अंतर्गत अब तक 39 हजार 975 उपभोक्ताओं को पंजीकृत किया जा चुका है और उनके खातों में 311 करोड़ 64 लाख रुपये से अधिक की सब्सिडी सीधे जमा की जा चुकी है।
कंपनी के अनुसार, योजना का उद्देश्य घरेलू स्तर पर सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना और बिजली खर्च कम करना है। इसके लिए सरकार सोलर संयंत्र लगाने पर निर्धारित सब्सिडी प्रदान कर रही है, जिससे आम उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत मिल रही है।
कितनी मिल रही है सब्सिडी? : प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत अलग-अलग क्षमता के सौर संयंत्रों पर केंद्र सरकार द्वारा सहायता राशि दी जा रही है—
- 1 किलोवॉट सोलर संयंत्र लगाने पर : ₹30,000 तक सब्सिडी
- 2 किलोवॉट सोलर संयंत्र लगाने पर : ₹60,000 तक सब्सिडी
- 3 किलोवॉट या उससे अधिक क्षमता पर : ₹78,000 तक सब्सिडी
इस सहायता से उपभोक्ताओं का शुरुआती खर्च कम हो रहा है और लंबे समय में बिजली बिल में भी बचत संभव हो रही है।
आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन : योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक उपभोक्ताओं को ऑनलाइन आवेदन करना होता है। पंजीकरण के बाद अधिकृत वेंडर के माध्यम से ही सौर ऊर्जा संयंत्र लगवाने की सलाह दी गई है, ताकि प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और सब्सिडी समय पर प्राप्त हो सके।
उपभोक्ताओं को यह भी ध्यान रखने की सलाह दी गई है कि बैंक खाते, आधार कार्ड और बिजली कनेक्शन में दर्ज नाम समान हों, जिससे सब्सिडी जारी होने में कोई परेशानी न आए।
स्मार्ट मीटर से कम हो रहा अतिरिक्त खर्च : बताया गया है कि निर्धारित अवधि के बाद लगाए जा रहे सोलर सिस्टम में स्मार्ट मीटर का उपयोग किया जा रहा है। इससे उपभोक्ताओं का अतिरिक्त खर्च कम हुआ है और सोलर इंस्टॉलेशन पर होने वाला कुल भुगतान पहले की तुलना में कम देखने को मिल रहा है।

