नई दिल्ली। भारत के नागरिक उड्डयन क्षेत्र में डिजिटल बदलाव की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज हुई है। देशभर के 38 हवाई अड्डों पर संचालित डिजि यात्रा प्लेटफॉर्म का उपयोग अब 10 करोड़ से अधिक बार किया जा चुका है। वहीं, इस ऐप को एंड्रॉयड और आईओएस प्लेटफॉर्म पर मिलाकर 2.4 करोड़ से ज्यादा बार डाउनलोड किया गया है।
डिजि यात्रा की मदद से यात्रियों को एयरपोर्ट पर प्रवेश और सत्यापन प्रक्रिया में पहले की तुलना में काफी कम समय लग रहा है। जहां पहले पहचान और दस्तावेजों की जांच में औसतन 15 सेकंड तक का समय लगता था, वहीं अब यह प्रक्रिया कुछ ही सेकंड में पूरी हो रही है। इससे यात्रियों की आवाजाही तेज हुई है और एयरपोर्ट टर्मिनलों पर भीड़ प्रबंधन में भी सुधार देखने को मिला है।
कागज रहित यात्रा को मिला बढ़ावा
डिजि यात्रा के माध्यम से यात्रियों को भौतिक बोर्डिंग पास रखने की आवश्यकता कम हो गई है। इससे प्रतिदिन बड़ी मात्रा में कागज की बचत हो रही है, जो पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रयासों को भी मजबूती प्रदान कर रही है।
हवाई यात्रा में तेजी से बढ़ रहा डिजिटल उपयोग
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि यात्रियों का भरोसा डिजिटल और संपर्क रहित यात्रा व्यवस्था पर लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि देश में घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और आने वाले वर्षों में इसमें और तेजी देखने को मिलेगी। ऐसे में एयरपोर्ट संचालन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए डिजिटल तकनीकों का विस्तार किया जा रहा है।
जल्द और एयरपोर्ट्स पर मिलेगी सुविधा
मंत्रालय के अनुसार वर्तमान में डिजि यात्रा 38 हवाई अड्डों पर सक्रिय है और अगले चरण में 27 अतिरिक्त एयरपोर्ट्स पर भी इसे शुरू करने की तैयारी की जा रही है। देश में विकसित हो रहे नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट्स—नवी मुंबई, जेवर और भोगापुरम—में भी यह सुविधा प्रारंभ से उपलब्ध रहेगी।
क्षेत्रीय भाषाओं पर भी फोकस
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए डिजि यात्रा फिलहाल 11 भाषाओं में उपलब्ध है। आगामी समय में इसमें और क्षेत्रीय भाषाओं को शामिल करने की योजना बनाई गई है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस डिजिटल सेवा का लाभ उठा सकें।

