पश्चिम एशिया संकट के बीच सरकार का भरोसा, ईंधन आपूर्ति और हवाई सेवाएं रहेंगी सुचारु

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनावपूर्ण हालात के बीच केंद्र सरकार ने देश में ईंधन आपूर्ति, हवाई सेवाओं और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। गुरुवार को आयोजित एक अंतर-मंत्रालयी संवाददाता सम्मेलन में विभिन्न मंत्रालयों के अधिकारियों ने बताया कि देश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और प्राकृतिक गैस की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में बनी हुई है तथा आम नागरिकों को किसी प्रकार की घबराहट में खरीदारी करने की आवश्यकता नहीं है।

सरकार ने विमानन क्षेत्र को राहत देने के लिए विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) की कीमतों को स्थिर रखने हेतु 10,000 करोड़ रुपये तक की विशेष सहायता व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। इस पहल का उद्देश्य एयरलाइंस को ईंधन लागत में होने वाले अचानक उतार-चढ़ाव से बचाना और यात्रियों के लिए हवाई किरायों को नियंत्रित रखना है। अधिकारियों के अनुसार इससे देशभर में हवाई संपर्क सुचारु रूप से जारी रहेगा और क्षेत्रीय मार्गों पर भी सेवाएं प्रभावित नहीं होंगी।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बताया कि देश की सभी प्रमुख रिफाइनरियां पर्याप्त कच्चे तेल के भंडार के साथ उच्च क्षमता पर कार्य कर रही हैं। पेट्रोल और डीजल का भी पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से ईंधन या एलपीजी की खरीद न करें।

एलपीजी आपूर्ति के संबंध में जानकारी दी गई कि पिछले तीन दिनों के दौरान लगभग 1.50 करोड़ सिलेंडरों की बुकिंग हुई, जबकि करीब 1.43 करोड़ सिलेंडरों की डिलीवरी

सफलतापूर्वक की गई। घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देते हुए आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत रखा गया है। साथ ही, पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) के उपयोग को बढ़ावा देने के प्रयास भी जारी हैं। 3 जून 2026 तक 80,400 से अधिक उपभोक्ताओं ने पीएनजी अपनाने के बाद अपने एलपीजी कनेक्शन वापस कर दिए हैं।

समुद्री क्षेत्र की स्थिति पर जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य और आसपास के क्षेत्रों में कार्यरत सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान भारतीय ध्वज वाले जहाजों या भारतीय नाविकों से जुड़ी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। सरकार लगातार समुद्री गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है।

विदेश मंत्रालय ने बताया कि पश्चिम एशिया के विभिन्न देशों में स्थित भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास चौबीसों घंटे सहायता सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। हालांकि कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए एक हमले में एक भारतीय नागरिक की मृत्यु हो गई, जबकि 13 अन्य भारतीय घायल हुए हैं। घायलों का उपचार जारी है और भारतीय मिशन उनके साथ लगातार संपर्क में है।

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