भोपाल। मुख्यमंत्री Mohan Yadav की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के विकास, तकनीकी नवाचार और किसान कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में करीब 13,800 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई, जिनमें भोपाल मेट्रो परियोजना, आईटी आधुनिकीकरण और कृषि क्षेत्र से जुड़े बड़े निर्णय शामिल हैं।
मंत्रि-परिषद ने Bhopal Metro Rail Project की संशोधित लागत और अतिरिक्त वित्त पोषण के लिए 13,565.84 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इससे राजधानी भोपाल में आधुनिक और सुगम सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
राज्य में डिजिटल प्रशासन और तकनीकी दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से आगामी पांच वर्षों के लिए आईटी परामर्श सेवाओं एवं ई-गवर्नेंस कार्यों हेतु 235.63 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस पहल से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), साइबर सुरक्षा, डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा।
किसानों और कृषि उद्योग को राहत देते हुए सरकार ने कपास पर मंडी फीस को 1 प्रतिशत से घटाकर 0.5 प्रतिशत कर दिया है। इस फैसले से प्रदेश की जिनिंग मिलों की लागत कम होगी, उद्योग को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
इसके साथ ही किसान कल्याण और कृषि अधोसंरचना विकास के लिए मंडी शुल्क को 1 रुपये से बढ़ाकर 1.50 रुपये करने का निर्णय लिया गया है। इस अतिरिक्त राशि का उपयोग किसान सड़क निधि, कृषि अनुसंधान, कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउस, प्रसंस्करण इकाइयों और लॉजिस्टिक सुविधाओं के विकास में किया जाएगा। सरकार को इससे लगभग 500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होने का अनुमान है।
फसल उपार्जन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए Madhya Pradesh State Civil Supplies Corporation और Markfed को 8,600 करोड़ रुपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति देने की मंजूरी भी दी गई है। इससे गेहूं, धान और अन्य खाद्यान्नों की खरीद प्रक्रिया को वित्तीय मजबूती मिलेगी।
सरकार का मानना है कि इन निर्णयों से प्रदेश में आधारभूत संरचना, डिजिटल प्रशासन, कृषि उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी, जिससे विकास और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

