जेल भेजने का डर दिखाकर ऐंठे 29.50 लाख रुपये : नकली एंटी करप्शन अधिकारी बन सराफा कारोबारी को बनाया शिकार, आरोपी गिरफ्तार

दतिया। सिविल लाइन थाना पुलिस ने एंटी करप्शन ब्यूरो झांसी का फर्जी इंस्पेक्टर बनकर एक सराफा कारोबारी से लाखों रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने कार्रवाई और जेल भेजने का भय दिखाकर कारोबारी से अलग-अलग किश्तों में कुल 29 लाख 50 हजार रुपये वसूल लिए थे। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से फर्जी नेमप्लेट लगी कार, कथित सरकारी वर्दी और कई दस्तावेज भी जब्त किए हैं।

पुलिस के अनुसार भटियारा मोहल्ला निवासी सराफा कारोबारी प्रियांश सिंघल पुत्र स्वर्गीय रामू अग्रवाल ने शिकायत दर्ज कराई थी कि जनवरी 2025 में पीजी कॉलेज के सेवानिवृत्त प्रोफेसर एके गुप्ता, निवासी चौड़ा का बाड़ा, उनकी दुकान पर पहुंचे थे। इस दौरान एके गुप्ता ने दावा किया कि उनके दिवंगत पिता रामू अग्रवाल पर उनका 100 ग्राम सोना बकाया है। पिता की प्रतिष्ठा को देखते हुए प्रियांश सिंघल ने 26 मई 2025 को 100 ग्राम सोना उन्हें सौंप दिया।

कुछ समय बाद एक व्यक्ति काली वर्दी पहनकर उनकी दुकान पर पहुंचा और स्वयं को एंटी करप्शन ब्यूरो झांसी का इंस्पेक्टर मनीष कुमार बताया। आरोपी ने कथित एफआईआर की प्रति और पहचान पत्र दिखाते हुए कहा कि एके गुप्ता ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। उसने मामले में कार्रवाई और जेल भेजने की धमकी देकर प्रियांश सिंघल को भयभीत कर दिया।

शिकायत के अनुसार आरोपी ने मामला खत्म कराने के नाम पर पहले 10 लाख रुपये की मांग की। इसके बाद 10 जून और 12 जून 2025 को पांच-पांच लाख रुपये लिए। फिर एके गुप्ता के संतुष्ट नहीं होने का हवाला देकर 25 जून को पांच लाख रुपये और 15 जुलाई को 10 लाख रुपये वसूल लिए। बाद में फाइल आगे बढ़ने और एफआर लगाने की बात कहकर 20 अगस्त को भी 4 लाख 50 हजार रुपये ले लिए। इस प्रकार आरोपी ने कुल 29 लाख 50 हजार रुपये की ठगी को अंजाम दिया।

ऐसे खुली फर्जी इंस्पेक्टर की पोल
पूरे मामले को लेकर जब प्रियांश सिंघल ने एके गुप्ता से बातचीत की तो उन्होंने किसी भी प्रकार की शिकायत या कार्रवाई की जानकारी होने से इनकार कर दिया। इसके बाद प्रियांश को संदेह हुआ और वे सत्यता की जांच के लिए झांसी स्थित एंटी करप्शन ब्यूरो कार्यालय पहुंचे। वहां जानकारी लेने पर पता चला कि मनीष कुमार नाम का कोई इंस्पेक्टर विभाग में पदस्थ नहीं है और न ही उनके खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज की गई है।

ठगी का पता चलने के बाद प्रियांश सिंघल ने दतिया पुलिस से शिकायत की। शिकायत के आधार पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचना और धमकी सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से पूछताछ के लिए दो दिन का पुलिस रिमांड प्राप्त हुआ है।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने इसी प्रकार की वारदात अन्य लोगों के साथ भी की है या नहीं। 

Share

Share on whatsapp
Share on facebook
Share on twitter