दुष्कर्म के दोषियों पर कोर्ट का सख्त प्रहार : डीएनए मैच न होने के बावजूद पीड़िता के बयान पर दो आरोपियों को 20-20 साल की सजा,तीन साल बाद मिला न्याय

दतिया। करीब तीन वर्ष पुराने नाबालिग से छेड़छाड़ और सामूहिक दुष्कर्म के चर्चित मामले में विशेष पॉक्सो न्यायालय दतिया ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। न्यायालय ने मामले में दोषी पाए गए रमन यादव और विक्की साहू, दोनों निवासी उनाव, को 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 8-8 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।

विशेष न्यायाधीश मंजूषा तेकाम ने 11 जून 2026 को पारित निर्णय में दोनों आरोपियों को सामूहिक दुष्कर्म के अपराध में दोषी ठहराते हुए कठोर दंड दिया। इसके अलावा छेड़छाड़ एवं पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत भी अलग-अलग कारावास की सजा सुनाई गई है।

अभियोजन के अनुसार जुलाई 2023 में दो छात्राओं को रास्ते से जबरन एक मकान के अंदर ले जाया गया था। आरोप है कि वहां एक नाबालिग बालिका के साथ छेड़छाड़ की गई, जबकि दूसरी पीड़िता के साथ गंभीर अपराध को अंजाम दिया गया। घटना के बाद परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

विवेचना के दौरान पुलिस ने पीड़िताओं के बयान, चिकित्सकीय रिपोर्ट, आयु संबंधी दस्तावेज तथा अन्य साक्ष्य एकत्रित कर न्यायालय में प्रस्तुत किए। सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक संचिता अवस्थी ने अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभावी पैरवी करते हुए आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य प्रस्तुत किए।

न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि महिलाओं और बालिकाओं के विरुद्ध बढ़ते अपराध समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं तथा ऐसे मामलों में कठोर दंड आवश्यक है। प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को दोषसिद्ध मानते हुए सजा सुनाई गई।

गौरतलब है कि इसी प्रकरण में नामजद अन्य आरोपी आदित्य यादव एवं ध्रुव राय के विरुद्ध मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। कानूनन पीड़िताओं की पहचान गोपनीय रखी गई है।

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