दतिया। वर्ष 2020 के भांडेर विधानसभा उपचुनाव के दौरान आयोजित एक चुनावी सभा से जुड़ा मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा दर्ज कराई गई उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त करने की मांग की थी। अदालत के इस फैसले के बाद अब मामले में निचली अदालत में सुनवाई का रास्ता साफ हो गया है।
जानकारी के अनुसार, अक्टूबर 2020 में भांडेर विधानसभा उपचुनाव के दौरान आयोजित एक आमसभा में कोविड-19 संबंधी दिशा-निर्देशों और प्रशासनिक शर्तों के उल्लंघन के आरोप लगे थे। इस संबंध में भांडेर थाना पुलिस ने तत्कालीन कांग्रेस नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, वर्तमान विधायक फूल सिंह बरैया, तत्कालीन जिला कांग्रेस अध्यक्ष नाहर सिंह यादव सहित अन्य लोगों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया था।
याचिका में यह तर्क रखा गया था कि सभा के आयोजन और अनुमति प्रक्रिया से उनका प्रत्यक्ष संबंध नहीं था तथा केवल मंच पर मौजूद रहने के आधार पर आपराधिक दायित्व निर्धारित नहीं किया जा सकता। वहीं राज्य पक्ष ने अदालत को बताया कि मामले में प्रशासनिक अधिकारियों, निगरानी टीमों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की गई थी।
मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने माना कि प्रथम दृष्टया आरोपों की जांच और परीक्षण की आवश्यकता है। अदालत ने कहा कि आरोपियों की भूमिका और तथ्यों की सत्यता का निर्धारण ट्रायल के दौरान ही किया जा सकता है। इस स्तर पर एफआईआर को रद्द करना उचित नहीं होगा।
हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद अब मामले में नामजद सभी आरोपियों को निचली अदालत में कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ सकता है। राजनीतिक और कानूनी दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा यह मामला एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है।

