ड्रोन से पहुंचेगी डाक, पहाड़ों की दूरी अब मिनटों में होगी तय : सिंधिया की पहल; हिमाचल में शुरू हुई ड्रोन आधारित डाक सेवा

नई दिल्ली। देश के दुर्गम और पर्वतीय क्षेत्रों में डाक सेवाओं को तेज और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री Jyotiraditya M. Scindia ने हिमाचल प्रदेश में ड्रोन आधारित डाक एवं पार्सल सेवा की शुरुआत की है। डाक विभाग ने 12 जून 2026 से मंडी प्रधान डाकघर और रेहरधार शाखा डाकघर के बीच इस नई सेवा का संचालन शुरू कर दिया है।

यह पहल दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक तेज, सुरक्षित और प्रभावी डाक सेवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। बताया गया है कि ग्रामीण डाक सेवकों और डाक सहायकों से प्राप्त सुझावों के आधार पर इस परियोजना को लागू किया गया, जिसमें कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में बेहतर संपर्क व्यवस्था की आवश्यकता जताई गई थी।

मंडी प्रधान डाकघर से लगभग 12 किलोमीटर दूर स्थित रेहरधार शाखा डाकघर तक पारंपरिक माध्यमों से डाक पहुंचाने में दो घंटे से अधिक समय लगता था। ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल से अब यही दूरी महज सात मिनट में तय की जा सकेगी। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि सेवाओं की गुणवत्ता और विश्वसनीयता में भी सुधार आएगा।
डाक विभाग के अनुसार यह प्रणाली रियल-टाइम ट्रैकिंग सुविधा से लैस है, जिससे पार्सल और डाक सामग्री की निगरानी आसान होगी। साथ ही यह पर्यावरण के अनुकूल परिवहन व्यवस्था को भी बढ़ावा देगी।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के विजन के अनुरूप डाक विभाग आगामी दो से तीन महीनों के भीतर हिमाचल प्रदेश और असम में लगभग 150 चिन्हित मार्गों पर ड्रोन आधारित डाक सेवा शुरू करने की तैयारी कर रहा है। मंडी-रेहरधार मार्ग इस महत्वाकांक्षी परियोजना का पहला चरण है।

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