नई दिल्ली। वित्त वर्ष 2026-27 के पहले दो महीनों (अप्रैल-मई) में भारत के कुल निर्यात (वस्तुओं और सेवाओं सहित) में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में कुल निर्यात 162.69 अरब अमेरिकी डॉलर रहने का अनुमान है, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के 141.89 अरब डॉलर की तुलना में 14.66 प्रतिशत अधिक है।
मई 2026 में भारत का कुल निर्यात 81.96 अरब डॉलर रहने का अनुमान है, जबकि मई 2025 में यह 70.76 अरब डॉलर था। वहीं कुल आयात बढ़कर 92.47 अरब डॉलर तक पहुंच गया। इस दौरान व्यापार घाटा 10.51 अरब डॉलर दर्ज किया गया।
वस्तु निर्यात में 16 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी
अप्रैल-मई 2026-27 के दौरान वस्तु निर्यात 88.91 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 76.59 अरब डॉलर था। इस प्रकार वस्तु निर्यात में 16.09 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
वहीं गैर-पेट्रोलियम निर्यात भी 10.49 प्रतिशत बढ़कर 70.74 अरब डॉलर तक पहुंच गया।
मई 2026 में वस्तु निर्यात 45.20 अरब डॉलर रहा, जबकि मई 2025 में यह 38.30 अरब डॉलर था। इसी अवधि में वस्तुओं का आयात 73.41 अरब डॉलर दर्ज किया गया।
पेट्रोलियम और इंजीनियरिंग उत्पाद बने निर्यात वृद्धि के प्रमुख आधार
मई 2026 में कई क्षेत्रों में निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली। पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात 54.89 प्रतिशत बढ़कर 8.42 अरब डॉलर हो गया, जो मई 2025 में 5.44 अरब डॉलर था।
इंजीनियरिंग उत्पादों का निर्यात 24.48 प्रतिशत बढ़कर 12.31 अरब डॉलर पहुंच गया। इसके अलावा कार्बनिक एवं अकार्बनिक रसायनों के निर्यात में 12.71 प्रतिशत, इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं में 11.62 प्रतिशत तथा रत्न एवं आभूषणों के निर्यात में 6.66 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
सेवा क्षेत्र का प्रदर्शन भी मजबूत
सेवा क्षेत्र में भी निर्यात लगातार बढ़ रहा है। अप्रैल-मई 2026-27 के दौरान सेवा निर्यात का अनुमानित मूल्य 73.79 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 65.30 अरब डॉलर की तुलना में लगभग 13 प्रतिशत अधिक है। मई 2026 में सेवा निर्यात 36.76 अरब डॉलर रहने का अनुमान है, जबकि सेवा आयात 19.06 अरब डॉलर रहा। इस अवधि में सेवा क्षेत्र ने 36.31 अरब डॉलर का व्यापार अधिशेष दर्ज किया।
सिंगापुर और अफ्रीकी देशों को निर्यात में तेज वृद्धि : भारत के प्रमुख निर्यात गंतव्यों में सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका, तंजानिया, इटली और श्रीलंका शामिल रहे, जहां निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। वहीं आयात के प्रमुख स्रोतों में रूस, चीन, अमेरिका, ओमान और ब्राजील शामिल रहे।

