नई दिल्ली : देशभर के युवा उद्यमियों और नवप्रवर्तकों के लिए आयोजित यूथ को: लैब नेशनल इनोवेशन चैलेंज 2026 में छह युवा-नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स ने अपनी अभिनव सोच और प्रभावशाली समाधानों के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। हैदराबाद स्थित टी-हब में आयोजित समापन समारोह में इन स्टार्टअप्स को सतत विकास, जल संरक्षण, चक्रीय अर्थव्यवस्था और टिकाऊ फैशन जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
350 से अधिक आवेदनों में से चुने गए सर्वश्रेष्ठ स्टार्टअप : इस वर्ष प्रतियोगिता में देश के 28 राज्यों से 350 से अधिक युवा-नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स ने भाग लिया। चयन प्रक्रिया के कई चरणों के बाद 50 स्टार्टअप्स को राष्ट्रीय स्प्रिंगबोर्ड कार्यक्रम के लिए चुना गया, जहां उन्हें विशेषज्ञों और उद्योग सलाहकारों का मार्गदर्शन मिला।
इसके बाद राष्ट्रीय नवाचार संवाद और विशेष मूल्यांकन प्रक्रिया के जरिए शीर्ष 20 स्टार्टअप्स को हैदराबाद में आयोजित इमर्शन बूटकैंप में शामिल किया गया, जहां उन्हें निवेशकों, नीति विशेषज्ञों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ संवाद का अवसर मिला।
स्थिरता और पर्यावरण संरक्षण पर केंद्रित रहे समाधान : प्रतियोगिता में शामिल स्टार्टअप्स ने तीन प्रमुख क्षेत्रों में अपने नवाचार प्रस्तुत किए—
- टिकाऊ वस्त्र एवं फैशन
- चक्रीय अर्थव्यवस्था (Circular Economy)
- सतत खाद्य प्रणाली एवं जल संरक्षण
इन क्षेत्रों में विकसित समाधान पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के साथ-साथ आर्थिक और सामाजिक विकास को भी गति देने वाले माने जा रहे हैं।
ये बने राष्ट्रीय विजेता : अंतिम मूल्यांकन के बाद तीन स्टार्टअप्स को विजेता घोषित किया गया—
- नवप्रयोग लैब्स एलएलपी (ग्रासिप)
- अनबबल
- इकोरेनोवा सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड
इन विजेता स्टार्टअप्स को 3.5 लाख रुपये की सीड ग्रांट, क्षमता निर्माण कार्यक्रमों और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र तक विशेष पहुंच प्रदान की गई।
वहीं उपविजेता के रूप में—
- इको कुशन
- वासुदेवा इनोवेशन्स
- वुमनैस्टिकको
को सम्मानित किया गया। प्रत्येक उपविजेता को 2.2 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी गई।
महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स की भी मजबूत मौजूदगी : कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी सामने आया कि चयनित स्टार्टअप्स में 40 प्रतिशत से अधिक महिला नेतृत्व वाले उद्यम शामिल रहे। विशेषज्ञों ने इसे भारत के तेजी से विकसित हो रहे नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र का सकारात्मक संकेत बताया।
युवा उद्यमियों को मिलेगा वैश्विक मंच : आयोजकों के अनुसार यह पहल केवल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं है, बल्कि युवा नवप्रवर्तकों को निवेश, मार्गदर्शन और वैश्विक अवसरों से जोड़ने का माध्यम भी है। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं के विचारों को व्यवसायिक और सामाजिक प्रभाव वाले समाधानों में बदलना तथा सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की दिशा में उनकी भागीदारी बढ़ाना है।
भारत के हरित और नवाचार आधारित भविष्य की ओर बड़ा कदम : विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन, संसाधनों की कमी और पर्यावरणीय चुनौतियों के दौर में ऐसे युवा-नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स देश के विकास मॉडल को नई दिशा दे सकते हैं। यूथ को: लैब जैसे मंच न केवल नई प्रतिभाओं को अवसर प्रदान कर रहे हैं, बल्कि भारत को नवाचार और सतत विकास के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

