दतिया। कांग्रेस के पूर्व संगठन मंत्री एवं शासकीय ठेकेदार सुरेश झा को मकान निर्माण के लिए ली गई राशि में कथित गड़बड़ी और धोखाधड़ी के मामले में दतिया की अदालत ने दोषी ठहराते हुए पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने उनके ऊपर 3 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अदालत में चले विचारण के दौरान सामने आए तथ्यों के अनुसार, वर्ष 2021 में ग्वालियर निवासी एक दंपती ने दतिया स्थित अपने प्लॉट पर मकान निर्माण के लिए सुरेश झा से अनुबंध किया था। निर्माण कार्य के लिए उन्हें लगभग 20.45 लाख रुपये का भुगतान किया गया था।
निर्धारित समय सीमा बीतने के बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ। इसके बाद शिकायतकर्ता ने मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों से की। जांच के दौरान लोक निर्माण विभाग (PWD) की तकनीकी टीम ने निर्माण स्थल का मूल्यांकन किया, जिसमें केवल करीब 11 लाख रुपये के निर्माण कार्य की पुष्टि हुई। शेष राशि के उपयोग को लेकर विवाद सामने आया।
शिकायतकर्ता के अनुसार, शेष रकम वापस मांगने पर उन्हें धमकियां भी दी गईं। इसके बाद कोतवाली थाना पुलिस ने सुरेश झा के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और धमकी देने सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
करीब तीन वर्ष तक चली सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने तकनीकी रिपोर्ट, दस्तावेजी साक्ष्य और अन्य प्रमाण अदालत के समक्ष पेश किए। साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने सुरेश झा को धोखाधड़ी का दोषी मानते हुए पांच वर्ष के सश्रम कारावास और 3 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।

