मध्यप्रदेश को मिलेगा ₹5 लाख करोड़ से ज्यादा का क्रेडिट बूस्ट : 2026-27 के लिए रिकॉर्ड ऋण योजना जारी, कृषि और MSME पर रहेगा फोकस

भोपाल | मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देने के उद्देश्य से राज्य के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 की वार्षिक ऋण (क्रेडिट) योजना जारी कर दी गई है। इस बार प्रदेश के लिए ₹5,00,856 करोड़ की वार्षिक ऋण योजना तय की गई है, जो पिछले वर्ष के लक्ष्य की तुलना में करीब 19.5 प्रतिशत अधिक है। सरकार और बैंकिंग संस्थाओं का लक्ष्य कृषि, उद्योग, एमएसएमई और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में ऋण प्रवाह बढ़ाकर आर्थिक गतिविधियों को गति देना है।

₹5 लाख करोड़ से अधिक की वार्षिक ऋण योजना जारी : मंत्रालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्य सचिव अनुराग जैन ने राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) द्वारा तैयार वार्षिक साख योजना 2026-27 का विमोचन किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों से कहा कि जिला स्तर पर तैयार किए गए क्रेडिट प्लान का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रदेश की अर्थव्यवस्था और अधिक मजबूत हो सके।

कृषि क्षेत्र को सबसे अधिक प्राथमिकता : नई योजना में कृषि क्षेत्र को सबसे अधिक महत्व दिया गया है। फार्म क्रेडिट के लिए ₹1,28,866 करोड़ का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जबकि कुल कृषि क्षेत्र के लिए ₹1,65,117 करोड़ के ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है। वहीं किसानों को फसल ऋण उपलब्ध कराने के लिए ₹88,638 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

MSME और उद्योगों को मिलेगा बड़ा सहारा : प्रदेश में उद्योग और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र के लिए ₹1,62,967 करोड़ का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे नए उद्योगों की स्थापना, रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र पर भी विशेष जोर : इस वर्ष की ऋण योजना में नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। इस सेक्टर के लिए निर्धारित लक्ष्य में पिछले वर्ष की तुलना में सबसे अधिक वृद्धि की गई है, जिससे स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं और हरित निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

समन्वय से लक्ष्य हासिल करने पर जोर : बैठक में भरोसा जताया गया कि राज्य सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), नाबार्ड, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति और विभिन्न बैंकों के समन्वित प्रयासों से पूरे वित्तीय वर्ष के दौरान तय लक्ष्यों के अनुरूप ऋण वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि विभिन्न क्षेत्रों तक समयबद्ध वित्तीय सहायता पहुंचाकर निवेश, उत्पादन और रोजगार को बढ़ावा दिया जा सके।

Share

Share on whatsapp
Share on facebook
Share on twitter