अल नीनो के खतरे के बीच केंद्र सरकार अलर्ट : मानसून, बुवाई और किसानों की तैयारियों की हर सप्ताह हो रही समीक्षा

नई दिल्ली। देश में अल नीनो के संभावित प्रभाव और मानसून की अनिश्चितता को देखते हुए केंद्र सरकार ने कृषि तैयारियों की निगरानी तेज कर दी है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि केंद्र सरकार लगातार राज्यों के साथ समन्वय बनाकर बारिश, खरीफ बुवाई और किसानों की जरूरतों की समीक्षा कर रही है। इसके लिए उच्चस्तरीय बैठकों का सिलसिला जारी है और हालात पर नियमित नजर रखी जा रही है।

जुलाई में बारिश से हालात में सुधार : केंद्रीय मंत्री के अनुसार जून महीने में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई थी, जिससे कई क्षेत्रों में खरीफ बुवाई प्रभावित हुई। हालांकि जुलाई में बारिश की स्थिति में सुधार देखने को मिला है। हालिया वर्षा के बाद कम बारिश वाले जिलों की संख्या में भी कमी आई है, जिससे आगामी दिनों में खेती की रफ्तार बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

खरीफ बुवाई पर विशेष रणनीति : सरकार का कहना है कि बारिश में देरी का असर कुछ प्रमुख फसलों की बुवाई पर पड़ा है। ऐसे क्षेत्रों के लिए किसानों को कम अवधि में तैयार होने वाली और कम पानी की आवश्यकता वाली वैकल्पिक फसलों की खेती अपनाने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही राज्यों के लिए पहले से तैयार आकस्मिक (कंटिंजेंसी) कृषि योजनाओं को भी लागू किया जा रहा है।

बीज और किसानों के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत : कृषि मंत्रालय के अनुसार किसानों को किसी भी प्रकार की बीज कमी का सामना न करना पड़े, इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर पर्याप्त मात्रा में बीज का रिजर्व स्टॉक उपलब्ध रखा गया है। साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड, फसल बीमा और अन्य कृषि सहायता योजनाओं के माध्यम से किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के प्रयास भी जारी हैं।

लगातार हो रही निगरानी : सरकार ने बताया कि अल नीनो और मानसून की स्थिति पर नजर रखने के लिए विभिन्न स्तरों पर निगरानी तंत्र सक्रिय है। मौसम, फसल, बाजार और बुवाई की प्रगति की नियमित समीक्षा की जा रही है ताकि आवश्यकता पड़ने पर समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

किसानों को सतर्क रहने की सलाह : कृषि विशेषज्ञों ने किसानों से स्थानीय मौसम पूर्वानुमान और कृषि विभाग की सलाह के अनुसार ही बुवाई एवं अन्य कृषि कार्य करने की अपील की है। सरकार का कहना है कि बदलती मौसम परिस्थितियों के बीच समयबद्ध योजना और समन्वित प्रयासों के माध्यम से किसानों के हितों की रक्षा और खरीफ सीजन को सफल बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

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