दतिया | दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर शुक्रवार को राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदलते नजर आए। एक ओर दिल्ली हाईकोर्ट ने कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की सजा पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी, वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने दतिया सीट से आशुतोष तिवारी को अपना अधिकृत उम्मीदवार घोषित कर दिया। भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति द्वारा जारी सूची में उनके नाम पर अंतिम मुहर लगते ही जिले की सियासत में नई हलचल शुरू हो गई। पार्टी का अधिकृत नियुक्ति पत्र सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।

दिल्ली से जारी हुई भाजपा की अधिकृत सूची : भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय कार्यालय, नई दिल्ली से 10 जुलाई 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में मध्यप्रदेश की 22-दतिया विधानसभा सीट से आशुतोष तिवारी को पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया गया है। केंद्रीय चुनाव समिति की स्वीकृति के बाद जारी सूची में उनके नाम की औपचारिक घोषणा की गई। इसी सूची में बिहार विधानसभा उपचुनाव के एक उम्मीदवार में भी बदलाव किया गया है।
कौन हैं आशुतोष तिवारी? : आशुतोष तिवारी भाजपा संगठन का एक अनुभवी चेहरा माने जाते हैं। वे भाजपा मध्यप्रदेश के पूर्व संभागीय संगठन मंत्री रह चुके हैं तथा मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष (कैबिनेट मंत्री दर्जा) का दायित्व भी संभाल चुके हैं। संगठनात्मक कार्यों के साथ उनका राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से भी लंबे समय से जुड़ाव रहा है।
हाईकोर्ट के फैसले के बाद आई उम्मीदवारों की घोषणा : भाजपा की सूची ऐसे समय सामने आई है, जब शुक्रवार को ही दिल्ली हाईकोर्ट ने कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की दोषसिद्धि पर रोक लगाने की याचिका खारिज कर दी। अदालत ने उनकी तीन वर्ष की सजा पर रोक देने से इनकार कर दिया, जिससे उनकी दोषसिद्धि यथावत बनी रहेगी।
राजेंद्र भारती ने अदालत में दलील दी थी कि यदि दोषसिद्धि पर रोक नहीं लगती है तो उनका चुनाव लड़ने का अधिकार प्रभावित होगा। हालांकि न्यायालय ने उनकी मांग स्वीकार नहीं की।
FD प्रकरण के बाद रिक्त हुई थी दतिया विधानसभा सीट : दतिया विधानसभा सीट वर्ष 1998 से जुड़े सहकारी ग्रामीण विकास बैंक एफडी प्रकरण में दोषसिद्धि के बाद रिक्त हुई थी। विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने 2 अप्रैल 2026 को राजेंद्र भारती को तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी।
जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8(3) के तहत दो वर्ष से अधिक की सजा होने पर उनकी विधानसभा सदस्यता स्वतः समाप्त हो गई। इसके बाद विधानसभा सचिवालय ने सीट रिक्त घोषित कर निर्वाचन आयोग को सूचना भेजी और उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई।
अब मुकाबला होगा और दिलचस्प : निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 13 जुलाई तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे। 14 जुलाई को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 16 जुलाई नाम वापस लेने की अंतिम तिथि रहेगी। 30 जुलाई को मतदान और 3 अगस्त को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे।
भाजपा द्वारा आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाए जाने और दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब दतिया विधानसभा उपचुनाव पूरी तरह नए राजनीतिक समीकरणों में प्रवेश कर चुका है। सभी प्रमुख दल चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं और आने वाले दिनों में जिले में प्रचार अभियान और भी तेज होने की संभावना है।

