दतिया | दतिया विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी द्वारा आशुतोष तिवारी को अधिकृत प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद जिले की राजनीति में बड़ा सियासी भूचाल सामने आया है। शुक्रवार को एक ओर पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने झांसी-ग्वालियर नेशनल हाईवे पर प्रदर्शन कर जाम लगाया, वहीं दूसरी ओर भाजपा जिला संगठन में भी असंतोष खुलकर सामने आ गया।

भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाहा सहित नगर पालिका, जिला पंचायत, जनपद पंचायत के जनप्रतिनिधियों, पार्षदों तथा हजारों कार्यकर्ताओं द्वारा सामूहिक इस्तीफे दिए जाने की बात सामने आई है। इस घटनाक्रम ने दतिया की सियासत में हलचल तेज कर दी है।
राष्ट्रीय नेतृत्व को भेजा गया इस्तीफा पत्र : वायरल पत्र के अनुसार भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाहा ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन एवं प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को संबोधित करते हुए अपना इस्तीफा भेजा है। पत्र में कहा गया है कि दतिया उपचुनाव में प्रत्याशी चयन का निर्णय स्थानीय कार्यकर्ताओं की भावनाओं की उपेक्षा करते हुए एकतरफा लिया गया है, जिससे संगठन में गहरा असंतोष व्याप्त है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि जिलाध्यक्ष के साथ जिला संगठन के पदाधिकारी, जिला पंचायत अध्यक्ष, जनपद पंचायत के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष, बड़ौनी जनपद के पदाधिकारी, दतिया विधानसभा के छह मंडलों के अध्यक्ष, विभिन्न मोर्चों के अध्यक्ष, नगर पालिका के पार्षद तथा कार्यकारिणी के सदस्यों ने भी अपने-अपने दायित्वों से इस्तीफे दे दिए हैं। साथ ही पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की गई है।
टिकट फैसले के बाद खुलकर सामने आया विरोध : भाजपा प्रत्याशी की घोषणा के बाद शुक्रवार को डॉ. नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने झांसी-ग्वालियर नेशनल हाईवे पर धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सड़क पर बैठकर नारेबाजी की गई, जिससे कुछ समय तक यातायात प्रभावित रहा। मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। समर्थकों ने “दादा नहीं तो कोई नहीं” के नारे लगाते हुए टिकट बदलने की मांग भी उठाई।
आशुतोष तिवारी के खिलाफ भी हुई नारेबाजी : विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ समर्थकों ने भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के खिलाफ भी नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने “आशुतोष तिवारी मुर्दाबाद” के नारे लगाते हुए कहा कि वे भांडेर क्षेत्र से जुड़े हैं, इसलिए उन्हें दतिया विधानसभा से उम्मीदवार बनाए जाने का विरोध किया जा रहा है। यह प्रदर्शनकारियों द्वारा व्यक्त किए गए बयान थे।

