भोपाल/दतिया | दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा द्वारा आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद मचे सियासी घमासान के बीच पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने भोपाल पहुंचकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने साफ कहा कि भारतीय जनता पार्टी का हर निर्णय उनके लिए सर्वोपरि है और पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी, उसका पूरी निष्ठा से पालन करेंगे। साथ ही उन्होंने नाराज भाजपा कार्यकर्ताओं से भी शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि सभी कार्यकर्ता पार्टी परिवार का हिस्सा हैं और उन्हें समझाकर वापस साथ लाया जाएगा।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि “जो पार्टी कहेगी, मैं वही करूंगा। पार्टी का निर्णय हमारे लिए सर्वोपरि है। भाजपा हर फैसला सोच-समझकर और संगठन के व्यापक हित को ध्यान में रखकर लेती है।” उन्होंने कहा कि जिन कार्यकर्ताओं में नाराजगी है, वे भी अपने ही लोग हैं और उनसे बातचीत कर सभी को मनाया जाएगा।
नामांकन को लेकर दिया बड़ा संकेत : भोपाल में पत्रकारों ने जब डॉ. मिश्रा से पूछा कि क्या वे भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के नामांकन में शामिल होंगे, तो उन्होंने स्पष्ट कहा, “पार्टी जो निर्देश देगी, मैं वही करूंगा।” उनके इस बयान को पार्टी अनुशासन और संगठन के प्रति प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है।
इस्तीफा देने वालों को भी मनाने की बात : डॉ. मिश्रा ने कहा कि टिकट को लेकर नाराज होकर जिन पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने इस्तीफा दिया है, उनसे भी बातचीत की जाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी कार्यकर्ता भाजपा परिवार का हिस्सा हैं और संगठन उन्हें साथ लेकर आगे बढ़ेगा।
पहले की थी शांति बनाए रखने की अपील : इससे पहले डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने अपने समर्थकों से किसी भी तरह के उग्र विरोध से बचने की अपील की थी। उन्होंने विशेष रूप से उन कार्यकर्ताओं से भावुक आग्रह किया था, जिन्होंने विरोध के दौरान स्वयं पर पेट्रोल डालने जैसी कोशिश की थी। डॉ. मिश्रा ने कहा था कि कोई भी ऐसा कदम न उठाएं, जिससे किसी कार्यकर्ता की जान-माल को नुकसान पहुंचे।
पृष्ठभूमि : भाजपा द्वारा दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद जिले में विरोध प्रदर्शन तेज हो गया था। समर्थकों ने NH-44 पर चक्काजाम किया, कई स्थानों पर प्रदर्शन हुए और शनिवार सुबह पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति भी बनी। हालात को देखते हुए प्रशासन ने जिले में BNSS की धारा 163 लागू कर दी थी। बाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए समझाइश दी और स्थिति बिगड़ने पर आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। अब डॉ. मिश्रा के ताजा बयान के बाद संगठन की नजर नाराज कार्यकर्ताओं को मनाकर हालात सामान्य करने पर है।

