जनगणना 2027 का पहला चरण तेज़ी से आगे बढ़ा : 29 राज्यों में पूरा हुआ काम, तमिलनाडु-त्रिपुरा में शुरू हुई सेल्फ-एन्यूमरेशन

नई दिल्ली | देश में जनगणना 2027 का पहला चरण तेजी से आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार ने शुक्रवार से तमिलनाडु और त्रिपुरा में हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग सेंसस (HLO) के तहत सेल्फ-एन्यूमरेशन (Self-Enumeration) की सुविधा शुरू कर दी है। दोनों राज्यों के नागरिक 31 जुलाई 2026 तक आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इसके बाद 1 अगस्त से 30 अगस्त तक प्रगणक घर-घर जाकर गणना का कार्य करेंगे।

29 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में पहला चरण पूरा : सरकार के अनुसार जनगणना 2027 के प्रथम चरण का कार्य अब तक 29 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है। इनमें मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, दिल्ली, गुजरात, पंजाब, बिहार, तेलंगाना, उत्तराखंड सहित कई अन्य राज्य शामिल हैं। वहीं केरल और नागालैंड में अभी क्षेत्रीय स्तर पर मकानसूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य जारी है।

पहली बार डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग : इस बार की जनगणना पूरी तरह आधुनिक तकनीक से लैस है। आंकड़ों का संकलन समर्पित मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से किया जा रहा है। हालांकि, सभी परिवारों तक सटीक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए पारंपरिक घर-घर जाकर गणना की व्यवस्था भी जारी रहेगी। प्रथम चरण में 33 प्रश्नों वाली प्रश्नावली के जरिए मकान, परिवार, उपलब्ध सुविधाओं और परिसंपत्तियों से जुड़ी जानकारी एकत्र की जा रही है।

ऑनलाइन गणना के बाद मिलेगी SE ID : तमिलनाडु और त्रिपुरा के नागरिक आधिकारिक पोर्टल पर स्वयं गणना पूरी करने के बाद Self-Enumeration ID (SE ID) प्राप्त करेंगे। प्रगणक जब घर पहुंचेंगे, तब यह आईडी उन्हें उपलब्ध करानी होगी ताकि प्रक्रिया आसानी से पूरी की जा सके।

जानकारी पूरी तरह रहेगी गोपनीय : केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत एकत्र की गई सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रहेंगी। इनका उपयोग केवल सांख्यिकीय विश्लेषण और सरकारी विकास योजनाओं के निर्माण के लिए किया जाएगा। सरकार ने नागरिकों से जनगणना प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी और प्रगणकों को आवश्यक सहयोग देने की अपील की है।

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