नई दिल्ली | भारत में डेंगू की रोकथाम को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने देश में डेंगू से बचाव के लिए पहली वैक्सीन Qdenga® को बाजार में उपयोग की अनुमति दे दी है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, यह मंजूरी व्यापक वैज्ञानिक मूल्यांकन के बाद दी गई है और इसे डेंगू के खिलाफ भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
4 से 60 वर्ष की उम्र के लोगों के लिए वैक्सीन : Qdenga® एक लाइव एटेन्यूएटेड टेट्रावैलेंट डेंगू वैक्सीन है। इसकी अनुशंसित टीकाकरण प्रक्रिया में 0.5 मिलीलीटर की दो खुराक शामिल हैं, जिन्हें तीन महीने के अंतराल, यानी पहले और तीसरे महीने में दिया जाना है। यह वैक्सीन 4 से 60 वर्ष की आयु के व्यक्तियों में डेंगू से बचाव के लिए स्वीकृत की गई है।
42 देशों में मिल चुकी है मंजूरी
इस वैक्सीन को भारत से पहले दुनिया के 42 देशों में नियामक मंजूरी मिल चुकी है। इनमें यूरोपीय संघ, ग्रेट ब्रिटेन, स्विट्जरलैंड, इंडोनेशिया, मलेशिया और थाईलैंड जैसे देश शामिल हैं। वैक्सीन को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का प्रीक्वालिफिकेशन भी प्राप्त है। वैश्विक स्तर पर अब तक इसकी 2.4 करोड़ से अधिक खुराक वितरित किए जाने की जानकारी दी गई है।
भारत में भी हुआ महत्वपूर्ण क्लिनिकल अध्ययन : वैक्सीन की सुरक्षा, प्रतिरक्षाजनकता और प्रभावकारिता का मूल्यांकन कई देशों में किए गए क्लिनिकल अध्ययनों के माध्यम से किया गया।
भारत में भी 4 से 60 वर्ष की आयु के लोगों को शामिल करते हुए चरण-III का सुरक्षा और प्रतिरक्षाजनकता अध्ययन किया गया।
डेंगू नियंत्रण अभियान को मिलेगी मजबूती : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश में पहली डेंगू वैक्सीन की मंजूरी से डेंगू की रोकथाम और नियंत्रण के मौजूदा प्रयासों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, डेंगू से बचाव के लिए मच्छरों की रोकथाम, साफ-सफाई, निगरानी और समय पर जांच एवं उपचार जैसे उपाय भी महत्वपूर्ण बने रहेंगे।

