रेलवे का बड़ा फैसला : निमपुरा पश्चिम आउटर केबिन-मिदनापुर के बीच बनेगी तीसरी रेल लाइन, ₹440 करोड़ होंगे खर्च

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने दक्षिण पूर्वी रेलवे के महत्वपूर्ण मार्ग पर रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। रेलवे ने निमपुरा पश्चिम आउटर केबिन और मिदनापुर के बीच 14.52 किलोमीटर लंबी तीसरी रेल लाइन के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना पर करीब 440 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

उच्च उपयोग वाले रेल मार्ग पर बढ़ेगी क्षमता : यह रेल खंड हाई यूटिलाइजेशन नेटवर्क (HUN-2) का हिस्सा है, जहां यात्री और मालगाड़ियों का लगातार दबाव बना रहता है। वर्तमान में निमपुरा पश्चिम आउटर केबिन से गोकुलपुर के बीच सिंगल लाइन है, जबकि दोहरीकरण का काम पहले से जारी है। तीसरी लाइन बनने के बाद इस मार्ग की क्षमता बढ़ने के साथ ट्रेनों के संचालन में भी अधिक सुविधा और लचीलापन आने की उम्मीद है।

माल ढुलाई को मिलेगा बड़ा बढ़ावा : इस मार्ग से कोयला, लौह अयस्क, मैंगनीज, इस्पात, सीमेंट, कंटेनर, पेट्रोलियम उत्पाद, खाद्यान्न, उर्वरक और अन्य आवश्यक वस्तुओं का बड़े पैमाने पर परिवहन होता है। वर्तमान में इस रेल खंड का क्षमता उपयोग करीब 115.71 प्रतिशत बताया गया है, जिससे यहां यातायात का दबाव स्पष्ट होता है।

सालाना 35 लाख टन अतिरिक्त माल ढुलाई की उम्मीद : तीसरी लाइन के निर्माण के बाद इस कॉरिडोर पर हर साल करीब 35 लाख टन (3.5 मिलियन टन) अतिरिक्त माल ढुलाई की क्षमता विकसित होने की उम्मीद है। इससे मालगाड़ियों की आवाजाही बेहतर होगी और उद्योगों को आवश्यक कच्चे माल एवं अन्य वस्तुओं की आपूर्ति में भी मदद मिलेगी।

यात्री सेवाओं और आर्थिक गतिविधियों को भी मिलेगा लाभ : परियोजना से यात्री ट्रेनों के संचालन को भी बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। रेलवे के अनुसार, अतिरिक्त लाइन से परिचालन संबंधी बाधाएं कम होंगी, नेटवर्क की विश्वसनीयता बढ़ेगी और महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। यह परियोजना देश के उच्च घनत्व वाले रेल मार्गों पर क्षमता विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

Share

Share on whatsapp
Share on facebook
Share on twitter