नई दिल्ली | देश के कई हिस्सों में भारी बारिश, बादल फटने और भूस्खलन के चलते दूरसंचार सेवाएं प्रभावित होने के बीच केंद्र सरकार ने मोबाइल कनेक्टिविटी को बनाए रखने के लिए अहम कदम उठाया है।
दूरसंचार विभाग (DoT) ने जम्मू-कश्मीर, असम और नागालैंड के प्रभावित जिलों में इंट्रा-सर्कल रोमिंग (ICR) सुविधा सक्रिय करने के निर्देश दिए हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य आपदा की स्थिति में लोगों को निर्बाध मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध कराना है।
तीन राज्यों के इन इलाकों में लागू हुई सुविधा : दूरसंचार विभाग के निर्देश के अनुसार जम्मू-कश्मीर के पुंछ और राजौरी, असम के सिबसागर, चराइदेव और जोरहाट तथा नागालैंड के मोन जिले में इंट्रा-सर्कल रोमिंग को सक्रिय किया गया है। इसके तहत यदि किसी ग्राहक का अपना मोबाइल नेटवर्क किसी क्षेत्र में उपलब्ध नहीं है, तो उसका फोन स्वतः किसी अन्य उपलब्ध नेटवर्क से जुड़ सकेगा।
राहत और बचाव कार्यों में भी मिलेगी मदद : सरकार के इस कदम से प्रभावित स्थानीय लोगों के साथ-साथ आपदा राहत दलों, स्वास्थ्य कर्मियों और राहत-बचाव कार्यों में जुटी सरकारी एजेंसियों को भी संचार सुविधा बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है। प्राकृतिक आपदा के दौरान मोबाइल नेटवर्क का बाधित होना राहत एवं बचाव कार्यों के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। ऐसे में वैकल्पिक नेटवर्क की उपलब्धता महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
ICR कैसे करेगा काम?
इंट्रा-सर्कल रोमिंग ऐसी व्यवस्था है, जिसमें मोबाइल ग्राहक अपने क्षेत्र में उपलब्ध किसी दूसरे दूरसंचार ऑपरेटर के नेटवर्क का इस्तेमाल कर सकता है। इसके लिए मोबाइल फोन की सेटिंग में ‘ऑटोमैटिक नेटवर्क सिलेक्शन’ विकल्प चालू रखना होगा। यदि फोन स्वतः नेटवर्क से कनेक्ट नहीं होता है तो उपयोगकर्ता सेटिंग्स > मोबाइल नेटवर्क > नेटवर्क ऑपरेटर में जाकर उपलब्ध दूसरे नेटवर्क को मैन्युअली चुन सकता है।

