होटल के कमरे में चल रहा था साइबर फ्रॉड का खेल : क्रिकेट सट्टे की सूचना पर पहुंची पुलिस तो खुला राज; 4 आरोपी गिरफ्तार

ग्वालियर | ग्वालियर-शिवपुरी हाईवे पर मोहना स्थित एक होटल के कमरे में चल रहे कथित अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी के नेटवर्क का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी खुद को अमेरिका की एक वित्तीय कंपनी के प्रतिनिधि बताकर वहां के नागरिकों से संपर्क करते थे और उन्हें लोन दिलाने का झांसा देते थे। इसके बाद वेरिफिकेशन और प्रोसेसिंग के नाम पर संवेदनशील बैंकिंग जानकारी हासिल कर कथित तौर पर गिफ्ट कार्ड के माध्यम से रकम वसूलने का आरोप है। मामले में पुलिस ने चार युवकों को गिरफ्तार किया है।

क्रिकेट सट्टे की सूचना पर होटल पहुंची पुलिस, कमरे में मिला अलग ही नेटवर्क : बताया गया कि मोहना थाना पुलिस को होटल जैनपथ में क्रिकेट सट्टा संचालित होने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर थाना प्रभारी विनय सिंह तोमर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने होटल में दबिश दी। कमरे की तलाशी के दौरान पुलिस को लैपटॉप, मोबाइल फोन, हेडफोन और इंटरनेट से जुड़े उपकरणों के साथ चार युवक मिले।

पूछताछ और शुरुआती जांच में पुलिस को कथित तौर पर पता चला कि कमरे में क्रिकेट सट्टे के बजाय विदेशी नागरिकों को निशाना बनाने वाला साइबर फ्रॉड नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी करीब पांच महीने से होटल को अपना ठिकाना बनाकर गतिविधियां चला रहे थे।

लोन दिलाने के नाम पर अमेरिकी नागरिकों से करते थे संपर्क : पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी कथित रूप से अमेरिका की ‘लेंडिंग क्लब’ कंपनी के एजेंट बनकर लोगों से संपर्क करते थे। बातचीत के दौरान अमेरिकी नामों का इस्तेमाल किया जाता था और ऑनलाइन मीटिंग के लिए जूम जैसे प्लेटफॉर्म का सहारा लिया जाता था।

पुलिस का आरोप है कि लोन स्वीकृत कराने का भरोसा देकर पहले पीड़ितों से सोशल सिक्योरिटी नंबर और बैंकिंग संबंधी जानकारी ली जाती थी। इसके बाद वेरिफिकेशन फीस, प्रोसेसिंग चार्ज या अन्य शुल्क के नाम पर अलग-अलग कंपनियों के गिफ्ट कार्ड खरीदने के लिए कहा जाता था। इन गिफ्ट कार्ड की जानकारी मिलने के बाद कथित तौर पर उन्हें ऑनलाइन माध्यम से भारतीय मुद्रा में बदल लिया जाता था।

अमेरिकी लहजे में अंग्रेजी बोलकर करते थे बातचीत : पुलिस के अनुसार, आरोपी विदेशी नागरिकों से बातचीत के दौरान अंग्रेजी भाषा और अमेरिकी लहजे का इस्तेमाल करते थे। जिन आरोपियों को अंग्रेजी बोलने में परेशानी होती थी, वे कथित तौर पर रियल-टाइम ट्रांसलेशन एप की मदद लेते थे। इससे विदेशी नागरिकों को संदेह न हो और बातचीत सामान्य लगे, इसका ध्यान रखा जाता था।

पुलिस ने चार आरोपियों को पकड़ा, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त : मोहना पुलिस ने मामले में अभिषेक राजकुमार राजपूत (26), शिवेंद्र नरेंद्र सिंह उर्फ राजन परिहार (31), शुभोम घोष (23) और आर्यन उर्फ लाला (20) को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से लैपटॉप, मोबाइल फोन समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं।

अमेरिका में कितने लोगों को बनाया निशाना, जांच जारी : पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर कथित साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और इसके पीछे सक्रिय मुख्य आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। पुलिस को आशंका है कि गिरोह ने लंबे समय तक विदेशी नागरिकों को निशाना बनाया हो सकता है। फिलहाल जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।

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