राजपरिवार ने घनश्याम सिंह के खिलाफ खोला मोर्चा, बोले- जिन्होंने राजपरिवार के मान-सम्मान को कलंकित किया, वे दतिया को कैसे सुरक्षित रखेंगे?

दतिया | दतिया विधानसभा उपचुनाव के बीच राजपरिवार की ओर से कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। राजपरिवार के महाराज गोविंद राहुल देव सिंह (गोविंद जू देव) और राजमाता हेमलता ने संयुक्त पत्रकार वार्ता कर दतिया की जनता से भावनात्मक अपील की। उन्होंने कहा कि यह उपचुनाव केवल किसी प्रत्याशी की जीत-हार का चुनाव नहीं, बल्कि दतिया की प्रतिष्ठा, ऐतिहासिक परंपराओं, संस्कृति और सम्मान से जुड़ा विषय है।

पत्रकार वार्ता में राजपरिवार की ओर से आरोप लगाया गया कि घनश्याम सिंह ने राजपरिवार की मर्यादाओं और मान-सम्मान को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति अपने ही परिवार और राजपरिवार की गरिमा का सम्मान नहीं कर सकता, वह दतिया की जनता के मान-सम्मान की रक्षा कैसे करेगा। राजपरिवार ने संपत्ति विवाद और कथित दुर्व्यवहार से जुड़े मामलों का भी उल्लेख करते हुए घनश्याम सिंह पर कई गंभीर आरोप लगाए।

राजमाता ने 4 नवंबर 2020 की घटना को बताया ‘काला दिन’ : राजमाता हेमलता जी ने कहा कि 4 नवंबर 2020 का दिन राजपरिवार के इतिहास में एक काले दिन के रूप में दर्ज है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान उन्हें और पृथ्वीराज जी को संपत्ति से बेदखल करने का प्रयास किया गया तथा उनके साथ दुर्व्यवहार और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया। राजमाता ने दावा किया कि संकट के समय महाराज गोविंद राहुल देव सिंह ने उनका साथ दिया और राजपरिवार की प्रतिष्ठा की रक्षा की।

उन्होंने कहा कि राजा की पहचान उसके नाम से नहीं, बल्कि उसके कर्मों से होती है। जो व्यक्ति अपने परिवार और राजमाता का सम्मान नहीं कर सकता, वह दतिया की जनता को अपना परिवार कैसे मान सकता है।

राज्याभिषेक की परंपराओं के बहिष्कार का भी लगाया आरोप : महाराज गोविंद राहुल देव सिंह ने कहा कि उनके राज्याभिषेक के दौरान दतिया राजपरिवार की सदियों पुरानी परंपराओं का बहिष्कार किया जाना राजपरिवार की गरिमा के खिलाफ था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान अभद्र भाषा का भी इस्तेमाल किया गया। महाराज ने कहा कि संपत्ति विवाद से जुड़े कई दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं और इनसे पूरे मामले की वास्तविकता सामने आ सकती है।

राजपरिवार की ओर से कहा गया कि यह चुनाव दतिया के विकास और प्रतिष्ठा से जुड़ा हुआ है। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि दतिया के लोगों ने हमेशा राजपरिवार और उसकी परंपराओं का सम्मान किया है। अब लोकतंत्र के माध्यम से जनता के पास यह तय करने का अवसर है कि वह किसे अपना प्रतिनिधि चुनती है।

राजपरिवार ने आरोप लगाया कि घनश्याम सिंह ने राजपरिवार की गरिमा को ठेस पहुंचाई और परिवार को विवादों में उलझाया। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्ति को दतिया की जनता का नैतिक प्रतिनिधि नहीं माना जा सकता। राजपरिवार ने मतदाताओं से अपील की कि वे किसी के बहकावे में आए बिना दतिया की प्रतिष्ठा, परंपरा, गरिमा और सम्मान के पक्ष में मतदान करें।

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