दतिया | दतिया विधानसभा उपचुनाव के बीच पूर्व विधायक और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजेंद्र भारती की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका को लेकर बुधवार को सुनवाई हुई। मामले में सुप्रीम कोर्ट ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए हैं। हालांकि, अदालत की ओर से फिलहाल चुनाव प्रक्रिया या मतदान पर किसी तरह की अंतरिम रोक नहीं लगाई गई है। ऐसे में दतिया विधानसभा क्षेत्र में गुरुवार, 30 जुलाई को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मतदान होगा।
मतदान पर नहीं पड़ेगा तत्काल असर : सुप्रीम कोर्ट में याचिका पर सुनवाई के बाद जारी नोटिस को लेकर दतिया के राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, मौजूदा स्थिति में इसका सीधा असर उपचुनाव की मतदान प्रक्रिया पर नहीं दिखाई दे रहा है। निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक 30 जुलाई को मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे, जबकि 3 अगस्त को मतगणना के बाद चुनाव परिणाम घोषित किया जाएगा।
इस तरह चुनावी मैदान में अब सभी की निगाहें मतदान के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट में चल रही कानूनी प्रक्रिया पर भी टिकी रहेंगी।
राजेंद्र भारती की भूमिका पहले से चर्चा में : दतिया उपचुनाव में राजेंद्र भारती का नाम पहले से ही राजनीतिक चर्चा के केंद्र में रहा है। कांग्रेस के पूर्व विधायक होने के साथ-साथ क्षेत्र में उनका अपना राजनीतिक प्रभाव और समर्थक वर्ग माना जाता है। हालांकि, इस उपचुनाव के दौरान उनकी सक्रियता अपेक्षाकृत सीमित रही। स्वास्थ्य संबंधी कारणों के चलते वे लंबे समय तक चुनाव प्रचार से दूर रहे और अंतिम दौर में पार्टी के प्रचार कार्यक्रम में नजर आए।
इससे पहले कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने उनसे मुलाकात कर पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील भी की थी। ऐसे में राजेंद्र भारती से जुड़ा यह मामला चुनावी माहौल के बीच एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
अब अगली सुनवाई पर नजर : फिलहाल सुप्रीम कोर्ट की ओर से नोटिस जारी किए जाने के बाद संबंधित पक्षों का जवाब सामने आना बाकी है। मामले की अगली सुनवाई में अदालत क्या रुख अपनाती है, इस पर राजनीतिक और कानूनी दोनों ही नजरें रहेंगी। हालांकि, तत्काल तौर पर मतदान को लेकर स्थिति स्पष्ट है और 30 जुलाई को दतिया की जनता अपने मताधिकार का प्रयोग करेगी।
अब देखना होगा कि मतदान और 3 अगस्त को आने वाला चुनाव परिणाम दतिया की राजनीतिक तस्वीर को किस दिशा में ले जाता है और सुप्रीम कोर्ट में लंबित याचिका पर आगे क्या फैसला सामने आता है।

