दतिया | दतिया विधानसभा उपचुनाव के नतीजे का इंतजार अब खत्म होने वाला है। 3 अगस्त को होने वाली मतगणना के साथ ही EVM में कैद करीब 1.57 लाख मतदाताओं के जनादेश का खुलासा हो जाएगा। मतगणना को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज, दतिया में सुबह 8 बजे से मतगणना प्रक्रिया शुरू होगी। उम्मीद है कि शुरुआती रुझान आने के साथ ही दतिया के चुनावी मुकाबले की तस्वीर धीरे-धीरे साफ होने लगेगी।
21 टेबलों पर होगी EVM की मतगणना : दतिया विधानसभा क्षेत्र के लिए EVM से डाले गए मतों की गिनती के लिए कुल 21 टेबलें लगाई गई हैं। मतगणना 15 राउंड में पूरी कराई जाएगी। प्रत्येक टेबल पर एक मतगणना सुपरवाइजर, एक गणना सहायक और एक माइक्रो ऑब्जर्वर की व्यवस्था रहेगी।
मतगणना की शुरुआत सुबह 8 बजे डाक मतपत्रों की गिनती से होगी। इसके बाद करीब 8:30 बजे से EVM में दर्ज मतों की गणना शुरू होने की जानकारी है। EVM के वोटों की गिनती शुरू होने के बाद राउंडवार परिणाम सामने आते जाएंगे और इसी के साथ प्रत्याशियों के बीच बढ़त-घटत का सिलसिला भी दिखाई देगा।
15 राउंड में सामने आएगा जनादेश : 21 टेबलों पर अलग-अलग मतदान केंद्रों की EVM के वोटों की गिनती की जाएगी। एक राउंड पूरा होने के बाद संबंधित टेबलों पर प्राप्त मतों को जोड़ा जाएगा और राउंडवार आंकड़े जारी किए जाएंगे। इसके बाद अगले राउंड की EVM की गणना शुरू होगी।
इस तरह 15 राउंड पूरे होने के साथ EVM में दर्ज सभी मतों की गणना पूरी होने की उम्मीद है। हालांकि, अंतिम परिणाम की आधिकारिक घोषणा निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही की जाएगी।
21 प्रत्याशियों के बीच मुकाबला, NOTA भी विकल्प : दतिया उपचुनाव में कुल 21 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं, जबकि मतदाताओं के पास NOTA का विकल्प भी मौजूद है। मतदान के दौरान 16 से अधिक प्रत्याशी होने के कारण दो बैलेट यूनिट का इस्तेमाल किया गया था। अब मतगणना के दौरान इन्हीं EVM में दर्ज वोटों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत गिना जाएगा।
करीब 1.57 लाख मतदाताओं ने किया मतदान : 30 जुलाई को हुए मतदान में दतिया विधानसभा क्षेत्र के 291 मतदान केंद्रों पर वोट डाले गए थे। अंतिम आंकड़ों के अनुसार करीब 1 लाख 57 हजार 414 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। मतदान प्रतिशत 71.42 प्रतिशत के आसपास रहा।
अब यही वोट भाजपा, कांग्रेस और अन्य प्रत्याशियों के राजनीतिक भविष्य का फैसला करेंगे। मतदान के बाद से ही अलग-अलग दलों के समर्थक अपने-अपने आकलन और जीत के दावे कर रहे हैं, लेकिन वास्तविक तस्वीर 3 अगस्त को मतगणना के बाद ही सामने आएगी।
मतगणना कर्मियों को दिया गया प्रशिक्षण : मतगणना को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए मतगणना सुपरवाइजर, गणना सहायकों और माइक्रो ऑब्जर्वरों को प्रशिक्षण दिया गया है। अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार पूरी सावधानी और निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशिक्षण के दौरान EVM और VVPAT से जुड़े नियमों, मतगणना टेबल पर अपनाई जाने वाली प्रक्रिया, आवश्यक प्रपत्रों और विभिन्न सावधानियों की जानकारी दी गई। कर्मचारियों को मतगणना की प्रक्रिया का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया, ताकि वास्तविक मतगणना के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
स्ट्रांग रूम की निगरानी पर भी नजर : 30 जुलाई को मतदान समाप्त होने के बाद EVM को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखा गया है। यहां सुरक्षा के साथ-साथ CCTV कैमरों के जरिए निगरानी की जा रही है। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी स्ट्रांग रूम की सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
मतगणना के दिन स्ट्रांग रूम से EVM को निर्धारित सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतगणना केंद्र तक लाया जाएगा। इसके बाद तय प्रक्रिया के अनुसार EVM की कंट्रोल यूनिट से मतों की गणना की जाएगी।

