भोपाल| दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा को मिली हार के बाद अब पार्टी संगठन के भीतर चुनावी नतीजों की समीक्षा का दौर तेज हो गया है। सोमवार को सामने आए परिणाम के बाद मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास पर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और चुनाव से जुड़े पदाधिकारियों की अहम बैठक हुई। बैठक में हार के कारणों के साथ-साथ चुनाव के दौरान सामने आईं भितरघात और संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़ी शिकायतों पर भी चर्चा किए जाने की बात सामने आ रही है।वहीं, पार्टी के वरिष्ठ नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा इस समीक्षा बैठक में मौजूद नहीं थे।
इस बीच भाजपा प्रत्याशी रहे आशुतोष तिवारी भी मुख्यमंत्री आवास पहुंचे, जहां उन्होंने चुनाव के दौरान पार्टी के भीतर कथित तौर पर हुई गतिविधियों और भितरघात से जुड़े सवालों को संगठन के सामने रखा। सूत्रों के मुताबिक, इन शिकायतों से संबंधित कुछ ऑडियो रिकॉर्डिंग का भी उल्लेख बैठक में किया गया है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल सामने नहीं आई है।
हार के बाद अब बूथ से लेकर चुनाव प्रबंधन तक की समीक्षा : दतिया उपचुनाव के परिणाम ने भाजपा संगठन के सामने कई सवाल खड़े किए हैं। पार्टी अब यह जानने में जुटी है कि चुनाव के दौरान बूथ स्तर पर संगठन की सक्रियता, स्थानीय नेताओं की भूमिका और चुनाव प्रबंधन में कहां कमी रही। समीक्षा का दायरा केवल मतदान के दिन तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे चुनाव अभियान के दौरान नेताओं और कार्यकर्ताओं की भूमिका तक बढ़ाए जाने की चर्चा है।
सूत्रों के अनुसार, चुनाव के दौरान पार्टी लाइन से अलग गतिविधियों और भितरघात की शिकायतों को भी गंभीरता से लिया जा रहा है। बैठक में ऐसे मामलों से जुड़े तथ्यों और शिकायतों की जानकारी जुटाकर संगठन स्तर पर आगे की कार्रवाई पर विचार किया जा सकता है।
2 सदस्यीय समिति करेगी हार के कारणों की जांच : दतिया उपचुनाव में भाजपा की हार और सामने आई शिकायतों की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति गठित किए जाने की जानकारी सामने आई है। समिति चुनाव से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर अपनी रिपोर्ट संगठन को सौंपेगी। इसमें चुनाव अभियान, स्थानीय स्तर पर संगठन की भूमिका, बूथ प्रबंधन और कथित भितरघात से जुड़ी शिकायतों को शामिल किए जाने की संभावना है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, समीक्षा रिपोर्ट तैयार होने के बाद इसे संगठन के वरिष्ठ नेतृत्व के सामने रखा जाएगा। रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे निर्णय लिए जा सकते हैं।
CM हाउस की बैठक में चुनाव से जुड़े करीब 20 नेताओं की मौजूदगी : बताया जा रहा है कि समीक्षा बैठक में दतिया उपचुनाव की जिम्मेदारी संभालने वाले करीब 20 नेताओं और पदाधिकारियों को बुलाया गया। बैठक में चुनाव अभियान से जुड़े घटनाक्रम और नतीजों पर विस्तार से चर्चा की जा रही है। पार्टी यह भी देख रही है कि मजबूत संगठनात्मक ढांचे के बावजूद भाजपा को कांग्रेस के हाथों हार का सामना क्यों करना पड़ा।
वहीं, चुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ कथित ऑडियो और अनुशासनहीनता से जुड़ी शिकायतें भी समीक्षा का हिस्सा बन सकती हैं। हालांकि, इन मामलों में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।
कांग्रेस ने 6,016 वोटों से दर्ज की थी जीत : दतिया उपचुनाव के परिणाम में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने भाजपा के आशुतोष तिवारी को 6,016 वोटों से हराया। 15वें और अंतिम राउंड के बाद घनश्याम सिंह को 66,750 वोट, जबकि आशुतोष तिवारी को 60,697 वोट मिले। परिणाम के साथ ही कांग्रेस ने सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा और भाजपा खेमे में हार के कारणों पर चर्चा शुरू हो गई।
परिणाम के बाद आशुतोष बोले थे—“देखिए आगे होता क्या है!” : चुनावी नतीजे सामने आने के बाद भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने भी भविष्य की कार्रवाई के संकेत दिए थे। उन्होंने चुनाव के दौरान सामने आई परिस्थितियों की समीक्षा की बात कही थी। साथ ही उन्होंने कहा था कि यदि चुनाव में किसी स्तर पर भीतरघात हुआ है तो उसकी भूमिका भी देखी जानी चाहिए।
मीडिया से बातचीत के दौरान उनका बयान—“आप इत्मीनान रखिए, देखिए आगे होता क्या है!”—अब चुनाव परिणाम के बाद भाजपा संगठन में शुरू हुई समीक्षा के बीच फिर चर्चा में है।
उन्होंने यह भी कहा था कि वे एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में पार्टी और जनता के बीच सक्रिय रहेंगे। अब परिणाम के अगले दिन शुरू हुई संगठनात्मक समीक्षा और दो सदस्यीय जांच समिति के गठन के बाद दतिया भाजपा की राजनीति में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

