तीन साल पुराने विवाद में कोर्ट ने सुनाया फैसला : मारपीट के मामले में पूर्व खेल अधिकारी और उनके पिता दोषी, दोनों को 3-3 महीने की जेल !

दतिया | वर्ष 2023 में हुए मारपीट के मामले में दतिया कोर्ट ने शासकीय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय के पूर्व खेल अधिकारी मुकेश सिंह गुर्जर और उनके 80 वर्षीय पिता रामनाथ सिंह गुर्जर को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने दोनों को 3-3 महीने के कारावास की सजा सुनाने के साथ 1-1 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।

प्लॉट को लेकर चल रहा था विवाद : मामला 2 जनवरी 2023 का है। न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में प्रदीप सिंह गुर्जर और मुकेश सिंह गुर्जर के आमने-सामने प्लॉट हैं। दोनों पक्षों के बीच प्लॉट को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।

घटना के अनुसार, 2 जनवरी की सुबह करीब 7:30 बजे प्रदीप सिंह अपने प्लॉट पर मौजूद थे। इसी दौरान मुकेश सिंह गुर्जर और उनके पिता रामनाथ सिंह वहां पहुंचे। आरोप के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज होने लगी।

लाठी से हमले का आरोप : विवाद के दौरान प्रदीप के पिता धीरज सिंह ने गाली-गलौज करने से मना किया। इसके बाद मुकेश सिंह गुर्जर ने कथित तौर पर लाठी से हमला कर दिया। लाठी प्रदीप सिंह के सिर पर लगी, जिससे उन्हें चोट आई और खून निकलने लगा।

वहीं, रामनाथ सिंह गुर्जर पर भी लाठी से हमला करने का आरोप था, जिसमें प्रदीप के पैर में चोट आई।

कोर्ट ने सुनाई सजा : मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने मुकेश सिंह गुर्जर और रामनाथ सिंह गुर्जर को दोषी मानते हुए दोनों को तीन-तीन महीने की जेल की सजा सुनाई। इसके साथ ही दोनों पर 1-1 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है।

कोर्ट के आदेश के मुताबिक, जुर्माना जमा नहीं करने पर दोनों को एक-एक महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

जुर्माने की राशि में से 1 हजार रुपए पीड़ित को मिलेंगे  : कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि इस तरह की घटनाओं से समाज में असुरक्षा की भावना बढ़ती है और शांति व्यवस्था प्रभावित होती है। मामले की गंभीरता को देखते हुए दोषियों को दंडित किया जाना आवश्यक है।

कोर्ट ने कुल 2 हजार रुपए के जुर्माने में से 1 हजार रुपए प्रदीप सिंह गुर्जर को मुआवजे के रूप में देने का आदेश भी दिया है।

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