नई दिल्ली | भारत के विदेश व्यापार से जुड़े ताजा आंकड़ों में निर्यात के मोर्चे पर सकारात्मक तस्वीर सामने आई है। अप्रैल-जुलाई 2026-27 के दौरान देश का वस्तु एवं सेवा निर्यात संयुक्त रूप से 316.42 अरब डॉलर रहने का अनुमान है। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह आंकड़ा 279.63 अरब डॉलर था। इस तरह कुल निर्यात में करीब 13.16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-जुलाई 2026-27 के दौरान वस्तु निर्यात 173.78 अरब डॉलर रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 148.48 अरब डॉलर था। यानी वस्तु निर्यात में 17.04 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
जुलाई में कुल निर्यात 80.14 अरब डॉलर : जुलाई 2026 के दौरान भारत का वस्तु एवं सेवा निर्यात करीब 80.14 अरब डॉलर रहने का अनुमान है। जुलाई 2025 में यह 70.72 अरब डॉलर था। इस आधार पर कुल निर्यात में 13.31 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
जुलाई में वस्तु निर्यात 44.24 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल के 36.98 अरब डॉलर की तुलना में करीब 19.63 प्रतिशत अधिक है। वहीं सेवा निर्यात का अनुमानित मूल्य 35.89 अरब डॉलर रहा, जबकि जुलाई 2025 में यह 33.74 अरब डॉलर था।
हालांकि, जुलाई 2026 में कुल आयात भी बढ़कर 95.16 अरब डॉलर पहुंच गया, जबकि पिछले साल यह 82.16 अरब डॉलर था। इसके चलते महीने का कुल व्यापार संतुलन -15.03 अरब डॉलर रहा।
पेट्रोलियम और इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों ने बढ़ाया निर्यात : जुलाई 2026 में कई प्रमुख क्षेत्रों के निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। इनमें पेट्रोलियम उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएं और इंजीनियरिंग उत्पाद प्रमुख रहे।
- पेट्रोलियम उत्पाद: 4.13 अरब डॉलर से बढ़कर 6.92 अरब डॉलर, वृद्धि 67.64%
- इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएं: 3.76 अरब डॉलर से बढ़कर 5.92 अरब डॉलर, वृद्धि 57.40%
- इंजीनियरिंग वस्तुएं: 10.40 अरब डॉलर से बढ़कर 12.24 अरब डॉलर, वृद्धि 17.71%
- जैविक एवं अकार्बनिक रसायन: 2.45 अरब डॉलर से बढ़कर 2.80 अरब डॉलर, वृद्धि 14.39%
- सूती धागा, वस्त्र एवं तैयार उत्पाद तथा हथकरघा उत्पाद: 1.02 अरब डॉलर से बढ़कर 1.11 अरब डॉलर, वृद्धि 8.40%
इसके अलावा लौह अयस्क, मांस-डेयरी-पोल्ट्री उत्पाद, काजू, समुद्री उत्पाद, हस्तनिर्मित कालीन, प्लास्टिक एवं लिनोलियम, फार्मास्यूटिकल्स सहित कई अन्य क्षेत्रों में भी निर्यात बढ़ा।
गैर-पेट्रोलियम निर्यात में भी मजबूत वृद्धि : अप्रैल-जुलाई 2026-27 के दौरान भारत का गैर-पेट्रोलियम निर्यात 143.61 अरब डॉलर रहने का अनुमान है। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 127.32 अरब डॉलर था। यानी इसमें 12.79 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
वहीं जुलाई 2026 में गैर-पेट्रोलियम निर्यात 37.32 अरब डॉलर रहा, जो जुलाई 2025 के 32.86 अरब डॉलर की तुलना में अधिक है।
सेवा निर्यात भी बढ़ा : अप्रैल-जुलाई 2026-27 के दौरान सेवा निर्यात का अनुमानित मूल्य 142.64 अरब डॉलर रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 131.15 अरब डॉलर था। इस दौरान सेवा व्यापार में करीब 69.17 अरब डॉलर का अधिशेष दर्ज किया गया।
जुलाई 2026 में सेवा निर्यात 35.89 अरब डॉलर और सेवा आयात 18.94 अरब डॉलर रहने का अनुमान है।

