भोपाल | सिकंदरी सराय क्षेत्र के पास जुनेरती, नियर लक्ष्मी टॉकीज इलाके में विद्युत चोरी के एक मामले में विशेष विद्युत न्यायालय, भोपाल ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 2 वर्ष के साधारण कारावास और ₹1,000 के अर्थदंड की सजा सुनाई है। इसके साथ ही आरोपी पर ₹11.16 लाख का सिविल दायित्व भी निर्धारित किया गया है।
विशेष न्यायाधीश (विद्युत अधिनियम), न्यायालय क्रमांक-02, भोपाल दीपक बंसल की अदालत ने आरोपी मोहम्मद जावेद आत्मज नवाब खान को विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 135(1)(ए) के तहत दोषी पाया।
₹5.58 लाख की वास्तविक क्षति, दोगुना सिविल दायित्व : न्यायालय ने प्रकरण में विद्युत ऊर्जा की वास्तविक क्षति ₹5.58 लाख आंकी। विद्युत अधिनियम की धारा 154(5) के तहत वास्तविक क्षति की दोगुनी राशि के आधार पर सिविल दायित्व निर्धारित किया जाता है। इसी के तहत आरोपी पर ₹11.16 लाख का सिविल दायित्व तय किया गया है।
न्यायालय ने आरोपी को निर्देश दिया है कि वह निर्णय की तारीख से 60 दिनों के भीतर ₹11.16 लाख की सिविल दायित्व राशि जमा करे। निर्धारित अवधि में राशि का भुगतान नहीं करने पर बकाया राशि पर 6 प्रतिशत वार्षिक की दर से अतिरिक्त ब्याज भी देना होगा।
अर्थदंड नहीं भरने पर 15 दिन की अतिरिक्त सजा : अदालत ने मामले के तथ्यों, परिस्थितियों, अपराध की प्रकृति और चोरी की गई विद्युत ऊर्जा की राशि को ध्यान में रखते हुए आरोपी को 2 वर्ष के साधारण कारावास के साथ ₹1,000 के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड का भुगतान नहीं करने पर आरोपी को 15 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
विद्युत चोरी पर कार्रवाई जारी : विद्युत चोरी के मामलों में विद्युत अधिनियम के प्रावधानों के तहत आपराधिक दंड के साथ-साथ सिविल दायित्व भी निर्धारित किया जाता है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा विद्युत चोरी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।
कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे केवल वैध विद्युत कनेक्शन का उपयोग करें और किसी भी प्रकार की विद्युत चोरी या अनियमितता से बचें। कंपनी के अनुसार विद्युत चोरी कानूनन अपराध होने के साथ-साथ विद्युत व्यवस्था की गुणवत्ता और सुरक्षा को भी प्रभावित करती है।

