भोपाल | मध्यप्रदेश के महाविद्यालयों में परंपरागत विषयों की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को अब बदलती रोजगार जरूरतों के अनुरूप शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। उच्च शिक्षा विभाग ने उच्च शिक्षा को उद्योग, अनुसंधान, तकनीक और रोजगार से जोड़ने के लिए देश के 30 राष्ट्रीय संस्थानों के साथ एमओयू किया है।
इस पहल के तहत कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को उनके पारंपरिक पाठ्यक्रमों के साथ रोजगारोन्मुखी शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को वर्तमान औद्योगिक और तकनीकी जरूरतों के अनुरूप ज्ञान एवं कौशल प्रदान कर उनकी रोजगार क्षमता बढ़ाना है।
अनुसंधान और आधुनिक तकनीक से जुड़ेंगे विद्यार्थी : एमओयू के माध्यम से विद्यार्थियों के लिए ऐसे पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण कार्यक्रम विकसित किए जाएंगे, जो उन्हें रोजगार के नए अवसरों के लिए तैयार कर सकें। इसके साथ ही उद्योगों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा तथा भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए शिक्षा और कौशल विकास का रोडमैप तैयार किया जाएगा।
विद्यार्थियों को वैज्ञानिक अनुसंधान, आधुनिक तकनीक, कृषि एवं मृदा विज्ञान, जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता, पर्यावरण, साइबर सुरक्षा और फोरेंसिक विज्ञान जैसे क्षेत्रों से जुड़ने के अवसर मिलेंगे। इसके अलावा नवाचार, तकनीक आधारित उच्च शिक्षा और सतत विकास के लिए ज्ञान साझेदारी को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
30 राष्ट्रीय संस्थानों के साथ हुआ समझौता : उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जिन संस्थानों के साथ एमओयू किया गया है, उनमें आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी रुड़की, आईआईटी दिल्ली, आईआईटी खड़गपुर, आईआईटी मद्रास, आईआईटी गुवाहाटी, आईआईटी वाराणसी, आईआईएम इंदौर, आईएमडी दिल्ली, आईसीएआई दिल्ली, वाधवानी फाउंडेशन दिल्ली, आईसीएफआरई जबलपुर, सीएसआईआर-एएमपीआरआई भोपाल, एनआईटीटीटीआर भोपाल, मध्यप्रदेश पुलिस, श्रम विभाग मध्यप्रदेश, एआईजीजीपीए, एनएफएसयू भोपाल, एमपीसीएसटी भोपाल, आईआईएफएम भोपाल, आरआईई भोपाल, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय भोपाल, उद्यानिकी विभाग, जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया कोलकाता, एबीवी-आईआईआईटीएम ग्वालियर, आईसीएआर-आईआईएसएस भोपाल, आईसीएआर-सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग भोपाल, आरआरसीएटी इंदौर, यूजीसी-डीएई सीएसआर इंदौर और आईआईटी पटना शामिल हैं।
साइबर सुरक्षा से लेकर कृषि तक के क्षेत्र में अवसर : इस साझेदारी के जरिए विद्यार्थियों को शिक्षा, अनुसंधान, तकनीक, कौशल विकास और रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध कराने की योजना है। फोरेंसिक विज्ञान और साइबर सुरक्षा जैसे उभरते क्षेत्रों में विद्यार्थियों की दक्षता विकसित करने के साथ कृषि नवाचार, पर्यावरणीय नेतृत्व और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में भी ज्ञान साझा किया जाएगा।
इसके अलावा रोजगारोन्मुखी शिक्षा, तकनीकी दक्षता, श्रमिक अधिकारों के प्रति जागरूकता, नवाचारी शिक्षण और संकाय क्षमता निर्माण को बढ़ावा मिलेगा। शिक्षक शिक्षा एवं शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार के क्षेत्र में भी संस्थागत सहयोग विकसित किया जाएगा।
4 अगस्त को हुआ था एमओयू : उल्लेखनीय है कि यह एमओयू 4 अगस्त 2026 को राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उच्च शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार की उपस्थिति में किया गया था।
उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने बताया कि कॉलेजों में परंपरागत विषयों की पढ़ाई के साथ विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह पहल की गई है। उन्होंने कहा कि 30 राष्ट्रीय संस्थानों के सहयोग से युवाओं के लिए शिक्षा और कौशल विकास का बेहतर रोडमैप तैयार किया जाएगा।

