दतिया | स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों के बीच दतिया में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। शहर के ठंडी सड़क क्षेत्र स्थित लिटिल स्टार पब्लिक स्कूल की छत पर तिरंगा लगाने के दौरान 11वीं कक्षा का छात्र हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आ गया। हादसे में छात्र की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।
मृतक छात्र की पहचान ग्राम जोनिया निवासी राज कुशवाह के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि शुक्रवार दोपहर स्कूल की छुट्टी होने के बाद छात्र अपने घर चला गया था। परिजनों के अनुसार, बाद में स्कूल प्रबंधन की ओर से उसे वापस बुलाया गया और स्वतंत्रता दिवस की तैयारी के तहत स्कूल की छत पर झंडा लगाने के लिए भेजा गया।
लोहे के पाइप से झंडा लगाने के दौरान हुआ हादसा : जानकारी के मुताबिक, छात्र छत पर लोहे के पाइप की मदद से तिरंगा लगाने का प्रयास कर रहा था। इसी दौरान छत के ऊपर से गुजर रही करीब 11 केवी हाईटेंशन विद्युत लाइन से पाइप के संपर्क में आने की बात सामने आई। करंट की चपेट में आने से छात्र बुरी तरह झुलस गया और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
हादसा इतना गंभीर था कि छात्र के शरीर पर गहरे जलने के निशान आए। उसके हाथ और उंगलियां भी बुरी तरह झुलसने की जानकारी सामने आई है।
अस्पताल में बेटे का शव देखकर बेसुध हुए माता-पिता : घटना की जानकारी मिलने के बाद छात्र के परिजन जिला अस्पताल पहुंचे। वहां बेटे का शव देखते ही माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजनों को अस्पताल में संभालना मुश्किल हो गया और परिवार में चीख-पुकार मच गई।
परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप : मृतक के परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि हादसे के बाद उन्हें तत्काल सूचना नहीं दी गई और करीब एक से डेढ़ घंटे बाद छात्र को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद छात्र को मृत घोषित कर दिया।
परिजनों ने यह भी सवाल उठाया है कि हाईटेंशन लाइन के बेहद करीब स्थित छत पर छात्र को झंडा लगाने के लिए भेजने से पहले सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए गए।
पुलिस ने शुरू की जांच : घटना की सूचना के बाद कोतवाली थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा स्कूल प्रबंधन, प्रत्यक्षदर्शियों और मृतक के परिजनों के बयान लिए जा रहे हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि छात्र को किन परिस्थितियों में स्कूल की छत पर भेजा गया था और वहां सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

