सेना की साइबर सुरक्षा मुहिम को बढ़ावा : ‘टेरियर साइबर क्वेस्ट 2026’ शुरू, 31 अगस्त तक कर सकेंगे रजिस्ट्रेशन

नई दिल्ली | प्रादेशिक सेना ने साइबर सुरक्षा संगठन ‘साइबरपीस’ के सहयोग से राष्ट्रीय स्तर के हैकाथॉन ‘टेरियर साइबर क्वेस्ट 2026’ (TCQ 3.0) की शुरुआत की है। इस पहल का मकसद रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी साइबर चुनौतियों के लिए नए तकनीकी समाधान तैयार करना है।

इस प्रतियोगिता में सेना की ओर से शिक्षा जगत, तकनीकी संस्थानों, उद्योग, रिसर्च संगठनों, सरकारी एजेंसियों और सशस्त्र बलों से जुड़ी प्रतिभाओं को एक मंच पर लाने की कोशिश की गई है। इस बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, खतरा प्रबंधन और डिजिटल जागरूकता जैसे क्षेत्रों पर विशेष फोकस रहेगा।

तीन अलग-अलग कैटेगरी में होगी चुनौती

बग हंटिंग: प्रतिभागियों को एक काल्पनिक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे से जुड़े डिजिटल सिस्टम में संभावित कमजोरियों को तलाशना और उनका तकनीकी दस्तावेज तैयार करना होगा। प्रतियोगिता ऑनलाइन कैप्चर-द-फ्लैग क्वालिफायर से शुरू होकर लाइव सैंडबॉक्स फाइनल तक पहुंचेगी।

एआई कवच: इस श्रेणी में एआई और मशीन लर्निंग की मदद से साइबर खतरों की पहचान, संभावित हमलों का अनुमान लगाने और स्वचालित सुरक्षा व्यवस्था विकसित करने वाले समाधान तैयार किए जाएंगे।

क्रिएटर्स चैलेंज: इसमें कंटेंट क्रिएटर्स और डिजिटल कम्युनिकेटर्स को डीपफेक, फिशिंग, ऑनलाइन फ्रॉड और भ्रामक सूचनाओं जैसे खतरों के खिलाफ जागरूकता अभियान तैयार करने होंगे।

अक्टूबर में दिल्ली में होगा ग्रैंड फिनाले : प्रतियोगिता के लिए 31 अगस्त 2026 तक रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है। ऑनलाइन चयन चरण 1 से 10 सितंबर तक चलेगा। चयनित प्रतिभागियों के लिए 6 से 8 अक्टूबर तक नई दिल्ली में ग्रैंड फिनाले आयोजित होगा। इसके बाद 9 अक्टूबर 2026 को पुरस्कार वितरण समारोह होगा।

प्रादेशिक सेना के अनुसार, इस पहल के जरिए युवाओं और तकनीकी विशेषज्ञों की क्षमता को राष्ट्रीय सुरक्षा की जरूरतों से जोड़ते हुए स्वदेशी साइबर समाधान विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।

Share

Share on whatsapp
Share on facebook
Share on twitter