नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की। बैठक में पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और DGP के साथ गृह मंत्रालय, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, सेना, BSF, SSB, RPF समेत केंद्र और राज्य की विभिन्न एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा को मजबूत करने से जुड़ी अब तक की प्रगति और आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। मल्टी-एजेंसी सेंटर (MAC) के सिलीगुड़ी कॉरिडोर पर गठित स्टैंडिंग फोकस ग्रुप ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी रिपोर्ट और सुझाव भी प्रस्तुत किए।
घुसपैठ और जनसांख्यिकीय बदलाव पर विशेष चर्चा : गृह मंत्री ने कॉरिडोर की सुरक्षा से जुड़े कई संवेदनशील मुद्दों की समीक्षा की। इनमें PIO गतिविधियां, जनसांख्यिकीय बदलाव, अवैध घुसपैठ और सीमा से जुड़े मामले प्रमुख रहे।
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने पर जोर दिया।
‘चतुष्कोणीय अप्रोच’ पर जोर : बैठक में अमित शाह ने सीमा सुरक्षा के लिए ‘चतुष्कोणीय अप्रोच’ को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कॉरिडोर में सुरक्षा से संबंधित सभी एजेंसियों को अपनी मौजूदगी और क्षमता बढ़ानी होगी।
साथ ही, कॉरिडोर से जुड़ी महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने लंबित कार्यों को तय समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
कॉरिडोर में एजेंसियों की मौजूदगी बढ़ाने के निर्देश : गृह मंत्री ने सभी संबंधित एजेंसियों को सिलीगुड़ी कॉरिडोर में अपने संस्थान और सुविधाएं बढ़ाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही क्षेत्र में मौजूद महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था का भी जायजा लिया गया।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सिलीगुड़ी कॉरिडोर को अतिक्रमण से मुक्त रखा जाए और अवैध घुसपैठ रोकने के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाए।
उत्तर बंगाल में सैनिक स्कूल और NCC पर भी जोर : बैठक के दौरान अमित शाह ने पश्चिम बंगाल सरकार से उत्तर बंगाल में नए सैनिक स्कूल खोलने की संभावनाओं पर विचार करने को कहा। इसके अलावा क्षेत्र में वरिष्ठ NCC कैडेटों की संख्या बढ़ाने की दिशा में काम करने का सुझाव भी दिया।
उन्होंने सिलीगुड़ी कॉरिडोर में सिविल डिफेंस और होम गार्ड्स की व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत पर भी जोर दिया।
बैठक में केंद्र और राज्य की सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल के साथ कॉरिडोर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने तथा रणनीतिक क्षेत्र में किसी भी संभावित चुनौती से निपटने की तैयारियों को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया।

