नई दिल्ली। गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की तलाश में सरकार की ‘संचार साथी’ पहल ने नया रिकॉर्ड बनाया है। पहली बार इस प्लेटफॉर्म की मदद से देशभर में एक ही महीने के दौरान 75 हजार से अधिक मोबाइल हैंडसेट बरामद किए गए हैं। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने इस उपलब्धि पर दूरसंचार विभाग, राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियों के प्रयासों की सराहना की है।
सरकार के मुताबिक, यह उपलब्धि तकनीक आधारित व्यवस्था और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल का परिणाम है। अप्रैल 2025 से जुलाई 2026 के बीच मासिक मोबाइल बरामदगी में 201 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
पुलिस को ट्रेसिंग में मिल रही अहम जानकारी
संचार साथी की व्यवस्था में लगातार सुधार किए जा रहे हैं। अब गुम या चोरी हुए मोबाइल की ट्रेसिबिलिटी रिपोर्ट में नागरिकों को SMS, ईमेल, पोर्टल और ऐप के माध्यम से संबंधित पुलिस स्टेशन की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाती है।
इसके अलावा, चोरी या गुम मोबाइल में इस्तेमाल किए गए सिम कार्ड की जानकारी पुलिस अधिकारियों को उपलब्ध कराई जाती है। इसमें वैकल्पिक मोबाइल नंबर जैसी जानकारी भी शामिल हो सकती है, जिससे फोन को ट्रैक करने और बरामद करने में मदद मिलती है।
बरामद मोबाइल को संभावित मैलवेयर से सुरक्षित रखने के लिए नागरिकों को उसे फैक्टरी रीसेट करने की सलाह भी SMS के जरिए दी जाती है।
चोरी हुए मोबाइल को नेटवर्क पर किया जाता है ब्लॉक
संचार साथी के जरिए कोई भी नागरिक अपने गुम या चोरी हुए मोबाइल की रिपोर्ट दर्ज करा सकता है। रिपोर्ट के बाद संबंधित हैंडसेट को भारतीय दूरसंचार नेटवर्क पर ब्लॉक कर दिया जाता है।
यदि कोई व्यक्ति उस मोबाइल को दोबारा नेटवर्क पर इस्तेमाल करने की कोशिश करता है, तो इसकी जानकारी सिस्टम में दर्ज होती है और संबंधित नागरिक तथा पुलिस थाने को भेजी जाती है। इससे पुलिस को मोबाइल की लोकेशन और उपयोग से जुड़ी जानकारी के आधार पर उसे बरामद करने में सहायता मिलती है।
तकनीक और पुलिस के तालमेल से बढ़ी बरामदगी
दूरसंचार विभाग की डिजिटल इंटेलिजेंस यूनिट (DIU), इसकी क्षेत्रीय इकाइयां (LSA), दूरसंचार सेवा प्रदाता और राज्य-केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस मोबाइल ट्रेसिंग और बरामदगी के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने इस सहयोगात्मक व्यवस्था और संचार साथी की सुविधाओं में किए जा रहे लगातार सुधारों को मोबाइल बरामदगी बढ़ने का प्रमुख कारण बताया है।

