6 से 12 साल के बच्चों से शुरू होगी हॉकी की नई पौध : MP में बनेगा फीडर सेंटर,मंत्री बोले- स्क्रीन टाइम कम करें, रोज मैदान में एक घंटा जरूर बिताएं !

भोपाल | राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर मध्यप्रदेश में छोटी उम्र से ही खेल प्रतिभाओं को तराशने की दिशा में नई पहल शुरू करने की घोषणा की गई है। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने 6 से 12 वर्ष की उम्र के बच्चों के लिए हॉकी फीडर सेंटर शुरू करने की बात कही है। इन सेंटरों के जरिए बच्चों की शुरुआती स्तर पर प्रतिभा पहचानकर उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा और आगे खेल अकादमियों से जोड़ा जाएगा।

राष्ट्रीय खेल दिवस पर भोपाल के मेजर ध्यानचंद हॉकी स्टेडियम में मैत्री हॉकी मुकाबले हुए। इसके अलावा टीटी नगर स्टेडियम में स्पोर्ट्स साइंस सेमिनार के साथ कराते, वॉलीबॉल, वेटलिफ्टिंग, फुटबॉल, जूडो, बॉक्सिंग और कुश्ती जैसी विभिन्न खेल गतिविधियां आयोजित की गईं। पैरेंट्स के लिए भी फन गेम्स कराए गए।

6 से 12 साल की उम्र में पहचानी जाएगी प्रतिभा : मंत्री सारंग ने कहा कि बच्चों की खेल प्रतिभा को कम उम्र में पहचानकर सही दिशा देना जरूरी है। इसी उद्देश्य से हॉकी के फीडर सेंटर शुरू किए जाएंगे। यहां बच्चों को शुरुआती प्रशिक्षण, खेल का माहौल और विशेषज्ञ मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।

फीडर सेंटर से बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को आगे चलकर प्रदेश की खेल अकादमियों से जोड़ा जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर प्रतिभा खोजने से लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक खिलाड़ियों को तैयार करने की व्यवस्था मजबूत होगी।

गांव और ब्लॉक स्तर तक पहुंचेगा टैलेंट सर्च : नई व्यवस्था में प्रतिभाओं की तलाश केवल बड़े शहरों या अकादमियों तक सीमित नहीं रहेगी। गांव, ब्लॉक और स्थानीय स्तर पर बच्चों की खेल क्षमता पहचानने पर जोर दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि प्रतिभाशाली बच्चों को शुरुआती उम्र में ही प्रशिक्षण देकर भविष्य के लिए तैयार किया जाए।

मध्यप्रदेश में फिलहाल 11 खेल अकादमियां संचालित हो रही हैं, जहां खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण दिया जाता है। फीडर सेंटरों को इन अकादमियों के लिए प्रतिभा तैयार करने की शुरुआती कड़ी के तौर पर विकसित किया जाएगा।

मंत्री की अपील- मोबाइल से दूरी, मैदान से जुड़ें बच्चे : स्पोर्ट्स साइंस सेमिनार में मंत्री विश्वास सारंग ने युवाओं और बच्चों से स्क्रीन टाइम कम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि रोजाना कम से कम एक घंटा खेल मैदान में बिताने से शारीरिक और मानसिक विकास बेहतर होता है।

सेमिनार में खिलाड़ियों को पोषण, चोट से बचाव और खेल विज्ञान से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञों ने जानकारी दी।

एमपी अकादमी ने 3-0 से जीता मुकाबला : राष्ट्रीय खेल दिवस के कार्यक्रम में एमपी अकादमी और भोपाल वांडर्स के बीच पुरुष वर्ग का मैत्री हॉकी मुकाबला खेला गया। एमपी अकादमी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मैच 3-0 से अपने नाम किया।

वहीं महिला वर्ग में रायसेन क्वीन और भोपाल टाइग्रेस के बीच मुकाबला हुआ। रोमांचक मैच का फैसला शूटआउट में हुआ, जिसमें भोपाल टाइग्रेस ने 3-2 से जीत दर्ज की।

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