ओरछा के कायाकल्प की तैयारी: सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया रामराजा लोक का निरीक्षण, बोले- सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजकर वैश्विक पर्यटन का बड़ा केंद्र बनाएगी सरकार

ओरछा/भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को ओरछा पहुंचकर निर्माणाधीन ‘श्री रामराजा लोक’ के विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि ओरछा की ऐतिहासिक व सांस्कृतिक विरासत समूचे देश का गौरव है। राज्य सरकार प्राचीन स्थापत्य कला के मूल स्वरूप को अक्षुण्ण रखते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन और आस्था के केंद्र के रूप में विकसित कर रही है। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखते हुए उन्हें समय-सीमा में पूर्ण करने के कड़े निर्देश दिए।

प्राचीन वास्तुकला के मूल स्वरूप से नहीं होगा कोई समझौता : मुख्यमंत्री ने जुझार सिंह महल के जीर्णोद्धार कार्यों और जहांगीर महल की वास्तुकला का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि बुंदेला शासकों के दौर की इमारतों में प्रयुक्त पारंपरिक निर्माण सामग्री का ही उपयोग जीर्णोद्धार में किया जा रहा है, ताकि इनका ऐतिहासिक वैभव यथावत रहे। वास्तुविदों ने सीएम को ऐतिहासिक ‘सावन-भादो’ स्तंभों के संरक्षण की विस्तृत कार्ययोजना से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों के दौरान किसी भी प्राचीन धरोहर को आंच नहीं आनी चाहिए।

उज्जैन की तर्ज पर ओरछा, चित्रकूट और दतिया का समग्र विकास : डॉ. यादव ने कहा कि जिस तरह ‘श्री महाकाल महालोक’ बनने के बाद उज्जैन के पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था में ऐतिहासिक उछाल आया है, उसी मॉडल पर ओरछा, चित्रकूट, दतिया, नलखेड़ा और मंदसौर (पशुपतिनाथ) का कायाकल्प किया जा रहा है। उन्होंने प्रदेश में ‘राम-कृष्ण गमन पथ’ के विकास का खाका खींचते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम के वनवास स्थल चित्रकूट और भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली उज्जैन (सांदीपनि आश्रम) सहित सभी लीला स्थलों को एक सूत्र में जोड़कर विकसित किया जाएगा।

स्थानीय दुकानदारों व व्यापारियों से सीधा संवाद : दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने रामराजा लोक परिसर के दुकानदारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालकों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने तथा अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान प्रमुख जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक अमला रहा मौजूद : इस अवसर पर पार्टी पदाधिकारी शिवप्रकाश, वरिष्ठ विधायक हेमंत खंडेलवाल, राज्यसभा सांसद महेश केवट, पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, निवाड़ी विधायक अनिल जैन, सागर संभाग कमिश्नर अनिल सुचारी, आईजी मिथिलेश शुक्ला सहित वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

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